उपार्जन केन्द्रों से 37 कम्प्यूटर आपरेटर किए गए बाहर, सभी कलेक्ट्रेट पहुंचे

रीवा के उपार्जन केन्द्रों में सालों से कम्प्यूटर आपरेटर के पद पर नौकरी करने वाले 37 आपरेटरों को अचानक नौकरी से बाहर कर दिया गया। किसानों के रजिस्ट्रेशन डाटा में गड़बड़ी की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। इस पर ई उपार्जन पैक्स कम्प्यूटर आपरेटर संघ के नेतृत्व में सभी आपरेशन मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर न्याय की गुहार लगाई।

उपार्जन केन्द्रों से 37 कम्प्यूटर आपरेटर किए गए बाहर, सभी कलेक्ट्रेट पहुंचे

कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर न्याय की लगाई गुहार
रीवा। कम्प्यूटर आपरेशन संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि उपार्जन केन्द्र में सभी 2012-13 से कार्यरत हैं। उपार्जन कार्य में कभी कोई लापरवाही नहीं की गई। इसके बाद भी कई आपरेटरों को रबी सीजन में उपार्जन कार्य से बाहर कर दिया गया है। खरीफ वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए रीवा से किसानों के पंजीयन समितियों द्वारा मनमानी ढंग से निरस्त किया गया। इससे किसानों को समर्थन मूल्य पर फसल विक्रय में असुविधा हुई। पंजीयन केन्द्रों की समितियों में पंजीयन निरस्त किए गए। आपरेटरों का कहना है कि किसानों का पजीयन उनकी सहमति से ही निरस्त किया गया। या फिर ओटीपी नहीं आने पर निरस्त हुआ। हालांकि पंजीयन को दोबारा केन्द्रों में ऑपरेटरों ने पंजीकृत कर दिया था। इसके बाद भी किसानों का पंजीयन निरीक्षण किए बिना ही कई ऑपरेटरों को आगमी उपार्जन के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसमें आपरेटरों की किसी तरह की गलती नहीं थी। आपरेटरों ने बताया कि उन्होंने चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा है। उनसे मामले की जांच कराने की मांग की है। नौकरी से बाहर किए गए आपरेटरों का कहना है कि एक तरफ तो उन्हें उपार्जन से बाहर कर दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ नई नियुक्ति की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। ऐसे में यदि किसी दूसरे की नियुक्ति कर दी जाती है तो वह कार्यस्थल से बाहर हो जाएंगे। उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। कलेक्टर से उन्होंने मांग की है कि नियुक्ति के पहले मामले की जांच करा ली जाए। यदि आपरेटर दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें बाहर किया जाए। बिना जांच के ही उनके साथ ऐसा अन्याय न किया जाए। उपार्जन केन्द्रों मं आपरेटर की नौकरी करके ही उनके घर का भरण पोषण चल रहा है। ऐसे में यदि उन्हें बाहर कर दिया जाएगा तो परिवार ही आर्थिक संकट में घिर जाएगा।