निर्वाचन कार्य में लापरवाही पर कार्रवाई : 8 मतदान कर्मियों की रुकी वेतन वृद्धि

विधानसभा निर्वाचन के दौरान मतदान केन्द्रों में तैनात मतदान कर्मियों को लापरवाही भारी पड़ गई। इनके खिलाफ कलेक्टर ने एक्शन लिया है। 8 मतदान कर्मियों की एक एक वेतनवृद्धि रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं।

निर्वाचन कार्य में लापरवाही पर कार्रवाई : 8 मतदान कर्मियों की रुकी वेतन वृद्धि
rewa collector office file photo

कलेक्टर ने आठ लापरवाह कर्मचारियों की रोकी एक-एक वेतन वृद्धि
रीवा। विधानसभा निर्वाचन के दौरान दो अलग-अलग मतदान केन्द्रों में तैनात मतदान दलों द्वारा निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरती गई। मतदान कर्मियों द्वारा वास्तविक मतदान से पहले मॉक पोल कराया गया। लेकिन मॉकपोल का डाटा कंट्रोल यूनिट से डिलीट नहीं किया। जिसके कारण मतपत्रों का विवरण देने वाले प्रारूप 17 को तैयार करने में कठिनाई आई। इसे निर्वाचन कार्य में गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रतिभा पाल ने आठ मतदान कर्मियों की एक-एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने के आदेश दिए हैं। यह कार्यवाही मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के तहत की गई है।
    जारी आदेश के अनुसार विधानसभा क्षेत्र त्योंथर के मतदान केन्द्र क्रमांक 214 बांस में तैनात मतदानकर्मी अच्छेलाल चर्मकार सहायक प्राध्यापक शा. उमा.वि. पनवार, रमेश प्रसाद शर्मा मानचित्रकार जल संसाधन विभाग, दिवाकर प्रसाद तिवारी सहायक उप निरीक्षक कृषि उपज मण्डी हनुमना, रामनरेश त्रिपाठी प्राथमिक शिक्षक उमावि पुरौना तथा अरुण कुमार मिश्रा भृत्य अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय को तैनात किया गया था। इनके द्वारा मतदान कार्य में लापरवाही बरतने पर एक-एक वेतन वृद्धि रोकने की कार्यवाही की गई है। विधानसभा क्षेत्र देवतालाब के मतदान केन्द्र क्रमांक 134 तिवरिगवां में मतदानकर्मी रमेश कोल प्राथमिक शिक्षक शा. उमावि हिनौती, कोमल प्रसाद सिंह प्राथमिक शिक्षक उमावि रायपुर सोनौरी तथा लक्ष्मी प्रसाद मिश्रा लिपिक जिला सहकारी बैंक को तैनात किया गया था। इनके द्वारा मॉकपोल का डाटा ईव्हीएम से न हटाने पर एक-एक वेतन वृद्धि रोकने की कार्यवाही की गई है।