दिल्ली हाईकोर्ट जस्टिस वर्मा के घर के बाहर मिले 500 रुपयों के जले नोटों के बंडल, बंगले में आग लगने पर खुला था नोटों का राज

हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के घर के अंदर मिले जले नोटों की तलाश जारी ही थी कि अब घर के बाहर 500 रुपए के नोटों के जले बंडल मिलने का वीडियो सामने आया है। जस्टिस वर्मा के घर के बाहर सफाई के दौरान पत्तो में नोट जले हुए पड़े मिले थे। होली के दिन घर पर लगी आग को बुझाने जब फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची थी तो स्टोर रूम में उन्हें बोरियों में 500-500 रुपए के अधजले नोट मिले थे। वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद प्रधान न्यायाधीश ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए समिति गठित कर दी है। न्यायालयीन कामकाज पर भी रोक लगा दी गई है। हर दिन नोटों से जुड़ा नया वीडियो सामने आ रहा है। इस नोट के बंडलों ने न्यायपालिका की इमानदारी पर ही बडा सवाल खड़ा कर दिया है।

दिल्ली हाईकोर्ट जस्टिस वर्मा के घर के बाहर मिले 500 रुपयों के जले नोटों के बंडल, बंगले में आग लगने पर खुला था नोटों का राज
File photo

होली के दिन जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर फायर सर्विस टीम को बोरियों में मिले थे अधजले नोटस
प्रधान न्यायाधीश ने बैठाई है मामले की जांच, बाद में घर से गायब हो गए थे अधजले नोट, अब बाहर मिले रहे
नई दिल्ली, जेएनएन। दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास से बरामद हुए नोटों के बंडल की चर्चा हर तरफ हो रही है। शनिवार (22 मार्च) को सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस और फायर ब्रिगेड से मिले सबूतों को अपनी वेबसाइट पर जारी किया। कोर्ट ने तस्वीरें और वीडियो जारी किए। इसी बीच जस्टिस यशवंत वर्मा के घर के पास से एक नया वीडियो सामने आया है। वीडियो में जज जस्टिस यशवंत वर्मा के बंगले के बाहर रविवार को सफाई के दौरान सफाई कर्मचारियों को 500-500 रुपए के अधजले नोट मिले। सफाईकर्मियों ने बताया कि 4-5 दिन पहले भी हमें ऐसे नोट मिले थे। ये नोट सफाई के दौरान सड़क पर पत्तों में पड़े हुए थे। इससे पहले 21 मार्च को जस्टिस वर्मा के बंगले से 15 करोड़ रुपए कैश मिलने की बात सामने आई थी। 14 मार्च को होली के दिन उनके घर में आग लग गई थी। फायर सर्विस की टीम जब उसे बुझाने गई तो स्टोर रूम में उन्हें बोरियों में भरे 500-500 रुपए के अधजले नोट मिले थे।
देश के प्रधान न्यायाधीश संजीव वर्मा ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ आरोपों की आंतरिक जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। वहीं, जस्टिस यशवंत वर्मा को न्यायिक कामकाज से रोक दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने दिल्ली हाईकोर्ट के वर्तमान जज जस्टिस यशवंत वर्मा के विरुद्ध आरोपों की जांच करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है, जिसमें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जीएस संधावालिया और कर्नाटक हाईकोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस अनु शिवरामन शामिल हैं। बता दें होली के दिन जस्टिस वर्मा के दिल्ली स्थित सरकारी आवास 30 तुगलक रोड पर आग लगी थी। रात लगभग साढ़े 11 बजे ये आग लगी थी। जस्टिस वर्मा उस समय घर में नहीं थे। आग की खबर मिलते ही दमकल की गाडय़िां आवास पर पहुंची। जब फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाया तो वहां पर नोटों की गड्डियां बरामद हुई।
सुप्रीम कोर्ट के सवालों पर घिरे जस्टिस वर्मा
जस्टिस वर्मा को कई अहम सवालों के जवाब देने होंगे। उच्च स्तरीय समिति उनसे नकदी के स्रोत स्टोर रूम में मिले पैसों की जानकारी और आग लगने के बाद नकदी निकालने वाले के बारे में पूछताछ कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने जांच के आदेश दिए हैं। ऐसे में उन्हें समिति के समक्ष कई अहम सवालों के जवाब देने पड़ सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की ओर से जारी आदेश में साफ कहा गया है कि जांच समिति जस्टिस यशवंत वर्मा से तीन बिंदुओं पर जानकारी मांग सकती है।
कॉल रिकार्ड की पुलिस से मांगी जानकारी

उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट को भेजी रिपोर्ट में बताया कि सीजेआई के निर्देशानुसार पिछले छह महीने में यशवंत वर्मा की रजिस्ट्री में तैनात कर्मियों के साथ निजी सुरक्षा कर्मियों और आवास पर तैनात सुरक्षा कर्मियों की जानकारी उपलब्ध कराने पुलिस उपायुक्त (सुरक्षा) को पत्र लिखा है। पुलिस उपायुक्त को एक सितंबर 2024 से अब तक जस्टिस वर्मा के साथ तैनात कर्मियों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है, जैसे ही जानकारी उपलब्ध होगी, उसे आगे भेज दिया जाएगा।
किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी : माथुर: दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहित माथुर ने कहा, मैं मानता हूं कि बार एसोसिएशन जजों के जज के तौर पर काम करता है। जस्टिस वर्मा के खिलाफ आजतक किसी भी वकील से मुझसे शिकायत नहीं की। उन्होंने कहा, जस्टिस वर्मा दिल्ली हाईकोर्ट के बेहतरीन जजों में से एक हैं। हालांकि, उन पर लग रहे आरोप और पब्लिक डोमेन में चल रहे सबूत बेहद गंभीर हैं। वीडियो क्लिप साफ नहीं है, इसलिए किसी फैसले पर आना जल्दबाजी होगी।
जले हुए 500 के नोटों के कुछ छोटे टुकड़े मिले
एक सफाई कर्मचारी इंद्रजीत ने बताया कि हम इस इलाके में काम करते हैं। हम सड़कों से कचरा एकत्र करते हैं। हम 4-5 दिन पहले यहां सफाई कर रहे थे और कचरा एकत्र कर रहे थे, तभी हमें जले हुए 500 रुपए के नोटों के कुछ छोटे टुकड़े मिले। हमें नहीं पता कि आग कहां लगी है। हम सिर्फ कचरा एकत्र करते हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि 500 के आधे-अधूरे और फटी हालत में नोट पड़े हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास से करीब 15 करोड़ रुपए मिले।
पूछा, नकदी का क्या हिसाब है?
आदेश के तहत जस्टिस वर्मा को यह बताना होगा कि उनके आवासीय परिसर में उक्त नकदी का क्या हिसाब है? वर्मा को स्टोर रूम में मिले पैसों का स्रोत भी बताना होगा। जस्टिस वर्मा से यह भी जानकारी मांगी जा सकती है कि 14 मार्च की रात को आग लगने की घटना के बाद 15 मार्च की सुबह संबंधित कमरे से नकदी किसने निकाली।
मोबाइल चैट-डेटा को न हटाएं
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने रिपोर्ट में यह भी कहा कि न्यायमूर्ति वर्मा के 6 माह के फोन कॉल डिटेल की जानकारी प्राप्त करने के संबंध में पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा गया है। उनसे एक सितंबर 2024 से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। न्यायमूर्ति वर्मा से अनुरोध किया गया है कि वे मोबाइल फोन नष्ट न करें और साथ ही मोबाइल फोन से किसी भी चैट, संदेश या डेटा को डिलीट या संशोधित न करें।