रीवा और सीधी के वन अफसरों की कुर्सी खाली, डीएफओ ही नहीं, पड़ोसी जिलों के अधिकारी चला रहे जिला

रीवा और सीधी में वन विभाग अधिकारी विहीन हो गया है। यहां न तो डीएफओ हैं और न ही एसडीओ की पदस्थापना ही हो पाई है। सारे पद प्रभार में चल रहे हैं। हालांकि तो यह है कि पिछले एक सप्ताह से रीवा वन मंडल में सीसीएफ की कुर्सी भी प्रभार में चल रही है। सीसीएफ छुट्टी पर चले गए हैं। अधिकारियों की पदस्थापना नहीं होने से वन विभाग के सारे काम ठप पड़ गए हैं।

रीवा और सीधी के वन अफसरों की कुर्सी खाली, डीएफओ ही नहीं, पड़ोसी जिलों के अधिकारी चला रहे जिला
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दोनों जिलों की हालात खराब, डीएफओ और एसडीओ तक नहीं हुए पदस्थ
रीवा में सामाजिक वानिकी विभाग में सीसीएफ नहीं है, एसडीओ सिर्फ एक वह भी रिटायर होने वाले हैं
रीवा। वन विभाग की स्थिति खराब है। सीधी और रीवा वन मंडल के लिए अधिकारी ही नहीं मिल रहे हैं। सरकार ने इन दोनों जिलों में अधिकारियों की पदस्थापना ही नहीं की। कई महीनों से डीएफओ और एसडीओ जैसे पद खाली पड़े हुए हैं। इन दोनों जिलों में वन क्षेत्र और वन्यजीव मौजूद हैं। अवैध उत्खनन से लेकर वन अपराध यहां अधिक होते हैैं। इसके बाद भी कई महीनों से यहां मुख्य पद खाली पड़े हुए हैं। सरकार यहां किसी की अब तक पदस्थापना तक नहीं कर पाई है। हद तो यह है कि रीवा और सीधी जिला को छोड़कर संभाग के अन्य जिलों में अधिकारियों की एक भी कुर्सी खाली नहीं है। डीएफओ से लेकर एसडीओ के सारे पद पदस्थ हैं। इन्हीें जिलों के अधिकारियों के भरोसे रीवा और सीधी वन विभाग भी चल रहा है। रीवा डीएफओ की कुर्सी सतना से चल रही है तो सीधी, सिंगरौली जिला से संचालित हो रही है। अधिकारियों की पदस्थापना नहीं होने से सारे कार्य ठप है। सिर्फ कर्मचारियों का वेतन ही निकल रहा है। क्षेत्र में होने वाले कार्य, मॉनीटरिंग आदि सब कुछ ठप पड़ गया है।
किस जिले में कौन कौन से पद हैं खाली
रीवा जिला में डीएफओ के रूप में अनुपम शर्मा पदस्थ थे। उनका स्थानांतरण पन्ना हो गया। अनुपम शर्मा के जाने के बाद से डीएफओ की कुर्सी रिक्त पड़ी हुई है। रीवा डीएफओ का चार्ज वर्तमान में सतना डीएफओ मयंक चांदीवाल के पास है। इसके अलावा रीवा में एसडीओ के रूप में ट्रेनी आईएफएस पदस्थ थी। उनका भी स्थानांतरण हो गया। अब कुर्सी खाली है। प्रभार मऊगंज एसडीओ के पास है। इसी तरह सीधी में एसडीओ से लेकर डीएफओ तक की कुर्सी खाली है। सीधी में डीएफओ के पद पर छितिज कुमार पदस्थ थे। उनका स्थानांतरण मंत्रालय हो गया। उनके जाने के बाद से सीधी डीएफओ का प्रभार सिंगरौली डीएफओ के पास है। इसी तरह एसडीओ का भी पद संजय टाइगर रिजर्व के एसडीओ के पास था। डीएफओ के स्थानांतरण के साथ ही वह भी पद अब रिक्त हो गया है।
सामाजिक वानिकी विभाग भी हो जाएगा पूरी तरह खाली
रीवा का सामाजिक वानिकी विभाग भी पूरी तरह से खाली होने वाला है। यहां सीसीएफ पहले से ही नहीं थे। सीसीएफ वन मंडल रीवा राकेश राय के पास ही सामाजिक वानकी का भी प्रभार था। इसी तरह एसडीओ के दो पद हैं। एक पद पहले से खाली था। एक पद पर वर्तमान में कृष्ण बहादुर सिंह पदस्थ हैं। वह भी जल्द ही रिटायर होने वाले हैं। उनके रिटायरमेंट के बाद पूरा विभाग ही खाली हो जाएगा। यहां भी सारी योजनाएं ठप पड़ी है।
एक सप्ताह से कोई अधिकारी नहीं है
रीवा वन मंडल पूरी तरह से खाली है। एक सप्ताह से यहां अधिकारी के नाम पर कोई भी नहीं है। डीएफओ की पदस्थापना नहीं हुई। वहीं सीसीएफ राकेश राय पदस्थ हैं लेकिन वह भी एक सप्ताह के अवकाश पर चले गए। सीसीएफ रीवा का प्रभार शहडोल सीसीएफ अजय पाण्डेय को दिया गया है। एक सप्ताह से यहां सारे काम ठप है। फाइलों की पेडेंसी बढ़ गई है। कर्मचारियों को देखने वाला तक कोई नहीं है।