डीपीसी का फरमान, जर्जर शालाओं में नहीं संचालित होंगी प्राथमिक और माध्यमिक शालाएं

जिला परियोजना समन्वयक ने सभी शाला प्रबंधन समिति को फरमान जारी किया है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 1 अप्रैल से शुरू हो रही है। जर्जर भवनों में हो रही लगातार घटनाओं को देखते हुए डीपीसी ने जर्जर शालाओं में शाला संचालित नहीं किए जाने का आदेश जारी कर दिया है।

डीपीसी का फरमान, जर्जर शालाओं में नहीं संचालित होंगी प्राथमिक और माध्यमिक शालाएं

बढ़ते हादसों की वजह से उठाया गया सख्त कदम, 10 दिन में जर्जर स्कूल भवनों की मांगी जानकारी
रीवा। डीपीसी ने आदेश में प्राथमिक शाला आदिवासी कटारा ब्लाक रायपुर कर्चुलियान का हवाला दिया है। उन्होंने आदेश में कहा है कि 7 मार्च 2025 को स्कूल का प्लास्टर अचानक गिर गया था। महिला शिक्षक घायल हो गईं थी। उन्होंने कहा कि अधिकांश घटनाएं छत के प्लास्टर के अचानक गिरने के कारण हो रही हैं। उन्होंने सचिव शाला प्रबंधन को निर्देशित किया है कि ऐसे भवन के कक्षों की सीलिंग का लूज प्लास्टर निगरानी में गिरवाएं। ऐसी शालाएं जिनके दीवार में अत्यधिक क्रेक, छत से अत्याधिक सीपेज, छत छुकी हो ऐसे भवनों में शाला का संचालन नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। शाला को प्राप्त स्कूल ग्रंाट की 40 फीसदी राशि से लघु मरम्मत कार्य, रंगाई, पुताई, छत एवं शौचालय की साफ सफाई का कार्य अनिवार्य रूप से नवीन शैक्षणिक सत्र के पूर्व कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सचिव शाला प्रबंधन से शाला परिसर में जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव भी 10 दिनों में प्रस्तुत करने को कहा गया है।