विद्युत कर्मचारियों ने खोला विभाग के खिलाफ मोर्चा, गेट के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे, अब ब्लैक आउट की तैयारी
पश्चिम संभाग कार्यालय के बाहर मप्र विद्युत तकनीकी कर्मचारी संघ और विंध्य आउटसोर्स कर्मचारी संघ ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कार्यपालन अभियंता पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाया गया है। कर्मचारियों पर की गई कार्रवाई के बाद उन्हें बहाल करने का आश्वासन दिया गया था लेकिन बाद में अधिकारी मुकर गए। इसी से नाराज होकर कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

पश्चिम संभाग कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
विद्युत तकनीकी कर्मचारी संघ और आउटसोर्स कर्मचारी संगठन ने डीई पर लगाया वायदा खिलाफी का आरोप
रीवा। ज्ञात हो कि मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के पश्चिम संभाग में बड़ी चोरी हुई थी। इस मामले में कार्यपालन अभियंता ने चार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसमें तीन रेग्युलर स्टाफ को निलंबत किया गया था। वहीं एक आउटसोर्स कर्मचारी अर्जुन पटेल की सेवाएं समाप्त कर दी गई थी। इस कार्रवाई का मप्र विद्युत तकनीकी कर्मचारी संघ और विंध्य आउटसोर्स कर्मचारी संगठन ने विरोध किया था। कार्यपालन अभियंता भूपेश विक्रम सिंह को ज्ञापन सौंप कर की गई कार्रवाई पर विरोध जताया था। कार्यपालन अभियंता से मुलाकात भी की थी। अधिकारी ने संगठन के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया था कि सभी कर्मचारियों को बहाल कर दिया जाएगा। वहीं सेवा से हटाए गए आउटसोर्स कर्मचारी को भी दोबारा पदस्थ कर दिया जाएगा। हालांकि जो डेड लाइन दी गई थी। उसमें डीई ने कोई कार्रवाई नहीं की। कार्यपालन अभियंता के बात से मुकरने पर मप्र विद्युत तकनीकी कर्मचारी संघ और विंध्य आउटसोर्स कर्मचारी संगठन ने धरने की चेतावनी दे दी। शनिवार से पश्चिम संभाग कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन भी शुरू कर दिया गया। दिन भर काम बंद कर सभी कर्मचारी धरने पर बैठे रहे। इसका असर कामकाज पर भी हुआ। विरोध और प्रदर्शन के कारण वसूली का अभियान भी प्रभावित हुआ। कर्मचारियों ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी प्रदर्शन जारी रहेगा।
सोमवार से और उग्र होगा आंदोलन
शनिवार को प्रदर्शन किया गया। इससे सिर्फ वसूली ही प्रभावित हुई। अब कर्मचारी संगठन आंदोलन को और उग्र रूप देने की तैयारी में जुट गए हैं। विभाग के सभी तकनीकी और आउटसोर्स कर्मचारियों को भी आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया गया है। इससे शहर की विद्युत आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है। सोमवार से विरोध प्रदर्शन को और उग्र रूप दिया जाएगा। इसमें फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को भी शामिल किया जाएगा। इससे जिला भर की विद्युत आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।
डीई के बयान से संगठनों में बढ़ा आक्रेाश
डीई पश्चिम संभाग का कहना है कि यह धरना संगठन का बिल्कुल भी न्याय संगत नहीं है। अधिकारियों से बात कर यह धरना हटावाया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि संगठन के साथ जो भी कर्मचारी जाएगा। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। डीई का कहना है कि कर्मचारी संगठन का काम कर्मचारियों के हितों की आवाज उठाना है न कि गलत कार्यों का संरक्षण देना है। लेकिन रीवा में गलत काम करने वालों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संगठन खड़े हो जाते हैं और उनका समर्थन करते हैं।
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जो हमारे कर्मचारियों पर निराधार आरोप लगाकर निलंबित किया गया है। कहीं एफआईआर नहीं की गई है। मानसिक रूप से कर्मचारियों को प्रताडि़त किया गया है। डीई से चर्चा हुई थी। 19 मार्च तक बहाल करने का आश्वासन मिला था लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। इसके विरोध में धरना प्रर्दशन किया जा रहा है।
अजय मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष
तकनीकी कर्मचारी संघ, रीवा
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10 मार्च को विभाग में चोरी हुई थी। इस मामले में तीन रेग्युलर कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था। एक आउटसोर्स कर्मचारी को सेवा से बाहर कर दिया गया था। डीई ने आश्वासन दिया था कि आउटसोर्स कर्मचारी को वापस रख लेंगे। निलंबित कर्मचारियों को बहाल कर देंगे लेकिन वह अपने वायदे से मुकर गए। इस वजह से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं।
सतीश चौबे, प्रदेश सचिव
विंध्य आउटसोर्स कर्मचारी संगठन, रीवा