प्रशासन की नाकामी: डेढ़ लाख किसानों को लगेगा नए साल में झटका, नहीं आएगी खाते में सम्मान निधि की राशि

पीएम किसान सम्मान निधि की राशि से रीवा जिला के करीब डेढ़ लाख किसान वंचित होने वाली है। जिला प्रशासन किसानों के फार्मर आईडी नहीं बनवा पाई। ढ़ाई महीने अभियान चलाना था लेकिन कहीं भी प्रयास नहीं हुए। हालात खराब हैं। 1.92 लाख में से सिर्फ 48 हजार की ही फार्मर रजिस्ट्री हो पाई है। इन्हें जनवरी से झटका लगने वाला है। सिरमौर और मनगवां सबसे पीछे हैं।

प्रशासन की नाकामी: डेढ़ लाख किसानों को लगेगा नए साल में झटका, नहीं आएगी खाते में सम्मान निधि की राशि
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पंचायतों में शिविर लगाकर फार्मर रजिस्ट्री बनाने थे, अब तक सिर्फ 48 हजार के ही बने
फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनने के बाद ही मिलेगी योजनाओं का लाभ और सम्मान निधि
रीवा। ज्ञात हो कि सरकार ने मप्र के सभी पीएम किसान सम्मान निधि के हितग्राहियों के लिए फार्मर रजिस्ट्री बनाना अनिवार्य कर दिया है। इसमें सभी किसानों को एक आईडी मिलेगी। यह आधार और किसानों की जमीन से लिंक रहेगी। इसी आईडी से ही किसानों को शासन से मिलने वाली योजनाओं का लाभ दिया जाना है। सरकार ने सितंबर से नवंबर तक अभियान चलाकर फार्मर आईडी बनाने के निर्देश दिए थे। इस मामले में रीवा जिला काफी पीछे चल रहा है। तहसीलों में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाने का काम नहीं हुआ। यही वजह है कि रीवा में रजिस्ट्रर्ड 1 लाख 92 हजार 495 पीएम किसान सम्मान निधि हितग्राहियों में से अब तक सिर्फ 47 हजार 974 का ही फार्मर रजिस्ट्री बन पाई। ऐसे में दिसंबर खत्म होने के बाद शेष रह गए हितग्राहियों को किसान सम्मान निधि मिलना बंद हो जाएगी। इसके अलावा अन्य सुविधाओं से भी किसान वंचित हो जाएंगे। रीवा में अब तक सिर्फ 25 फीसदी ही काम हुआ है।
फार्मर रजिस्ट्री का उद्देश्य
प्रदेश के सभी भूधारियों के आधार लिंक्ड रजिस्ट्री तैयार करना है। इसमें भूधारियों को एक अनन्य फार्मर आईडी प्रदान किया जाएगा। भारत सरकार के निेर्दशानुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है। दिसंबर 2024 के बाद केवल फार्मर आईडी उपलब्ध होने पर ही योजना का लाभ हितग्राहियों को मिलेगा।
फार्मर रजिस्ट्री में यह सारे काम किए जाएंगे
फार्मर रजिस्ट्री का क्रियान्वयन पोर्टल एमपीएफआर डाट एग्रीसटेक डाट जीओवी डाट इन , मोबाइल एप फार्मर रजिस्ट्री एमपी, मोबाइल एप फार्मर सहायक एमपी एप के माध्यम से किया जाना है। भू अभिलेख डाटा के आधार पर बकेटिंग का कार्य पूर्ण किया जाना है। इसमें एक ग्राम में एक किसान द्वारा धारित भूमि की जानकारी आनलाइन उपलब्धस होगी। प्रदेश में इन बकेट का उपयोग कर फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जाएगी। आवश्यक होने पर जिला, तहसील, ग्राम का चयन कर खाता और भूमिस्वामी का चयन किया जा सकेगा। प्रत्येक खाताधारक के खसरा, हिस्सा, मोबाइल नंबर, आधार संख्या, ईकेवायसी विवरण फार्मर रजिस्ट्री में दर्ज होगा। भू अभिलेख परिवर्तन होने पर फार्मर रजिस्ट्री में जानकारी स्वत: ही अद्यतन हो जाएगी।

पीएम किसान सम्मान निधि हितग्राहियों के फार्मर रजिस्ट्री की स्थिति
तहसील        पीएम किसान आईडी     प्रोग्रेस    प्रतिशत
त्योंथर                   29306            9910    34.21
जवा                       25014            8024    32.41
रायपुर कर्चुलियान    14132            4079    3025
गुढ़                        16726            4048    25.07
सेमरिया                  25412            6170    25.07
हुजूर नगर                6668            1440    24.21
हुजूर                      21706            4281    22.64
मनगवां                  28811            5389    19.24
सिरमौर                  24720            4633    19.04
योग                      192495          47974   25.91