9 साल से बालिका छात्रावास में जमीं वार्डन बच्चों का हक मार रही, निरीक्षण में मिली खामियां, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई तो ग्रामीणों ने की शिकायत

जुड़मनिया कन्या हास्टल की वार्डन 9 सालों से एक ही जगह पर जमीं हैं। छात्राओं की हास्टल में संख्या नहीं बढ़ रही लेकिन राशि शतप्रतिशत छात्राओं की आहरित हो रही। जांच में भी अनियमितता पकड़ी गई थी। छात्राओं को बेहतर भोजन नहीं दिया जाता। हास्टल में गंदगी का आलम रहता है। पति का भी दखल रहता है। चौकीदार की नियुक्ति में भी अनियमितता वार्डन ने की। डीपीसी की टीम के निरीक्षण में भी अनियमितता पकड़ी गई थी। नोटिस भी जारी हुआ लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं हुई। वार्डन के खिलाफ विभाग की नरमी को लेकर अब ग्रामीण उग्र हो गए हैं। कमिश्नर को शिकायत सौंप कर जल्द से जल्द वार्डन को हटाने और कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

9 साल से बालिका छात्रावास में जमीं वार्डन बच्चों का हक मार रही, निरीक्षण में मिली खामियां, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई तो ग्रामीणों ने की शिकायत
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डीपीसी ने वार्डन को जारी किया था नोटिस लेकिन कुछ नहीं हुआ
ग्रामीणों का आरोप सीईओ जिला पंचायत ने भी वार्डन को हटाने का दिया था आदेश, अमल नहीं किया गया
रीवा।  एक महीने पहले नेताजी सुभाष चन्द्र बोस बालिका छात्रावास जुड़मनिया जिला मऊगंज की वार्डन को जिला परियोजना समन्वयक ने कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया था। छात्रावास के निरीक्षण के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई थी। छात्रावास में निरीक्षण के दौरान साफ सफाई का अभाव मिला था। छात्राओं को मेनू के अनुसार नाश्ता और खाना तक नहीं दिया जा रहा था। इसके अलावा भी कई खामियां मिलने पर नोटिस जारी किया गया था। तीन दिन में अभिलेख मांगे गए थे। अब तक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसी बीच ग्रामीणों का फिर वार्डन के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा है। कमिश्नर से वार्डन को हटाने और जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।
आपको बता दें कि जुड़मानिया बालिका छात्रावास के वार्ड गीता शर्मा के खिलाफ ग्रामीणों ने आयुक्त रीवा से शिकायत की है। शिकायत कर वार्डन पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया था कि वार्ड गीता शर्मा पिछले 7 सालों से वार्डन के पद पर पदस्थ हैं। छात्रावास 100 सीटर है लेकिन छात्र संख्या 25 के अंदर ही रहती है। इसके बाद भी वार्डन 100 छात्राओं के नाम से बिल बाउचर बनाकर राशि आहरित कर रही हैं। छात्राओं का हक मार रही हैं। अप्रैल 2024 से मई 2025 तक लाखों रुपए का छात्रावास को आवंटन हुआ। सारी राशि का वार्डन ने दुरुपयोग किया। लोगों की शिकायत के आधार पर ही जिला शिक्षा केन्द्र के अधिकारी ने 30 अगस्त 2024 को सुबह 10.30 बजे छात्रावास का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में सिर्फ 11 बालिकाएं ही मिलीं थी। अधिकारियों ने वार्डन से निरीक्षण पंजी, खाद्यान्न पंजी, वित्तीय अभिलेख, कैश बुक, लेजर, बिल बाउचर, कोटेशन, स्टाक पंजी, वितरण पंजी, नवप्रवेशी बालिकाओं की सूची आदि मांगी गई थी। वार्ड ने जिला शिक्षा केन्द्र को कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। जिला शिक्षा केन्द्र के अधिकारी ने वार्डन के खिलाफ एफआईआर करने के भी निर्देश 4 फरवरी 2025 को दिए थे। इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। वार्डन को हटाने के लिए तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीव ाने भी आदेश जारी किया था। इसक बाद भी वार्डन को नहीं हटाया गया। नियम विरुद्ध महिला चौकीदार की नियुक्ति किया गया था। वार्डन ने बिना विज्ञापन और बिना बैठक के ही सदस्यों के फजर््ी हस्ताक्षर कर चौकीदार की नियुक्ति की थी। इस मामले की भी जांच की मांग की गई है। ग्रामीणों ने शिकायत में कहा है कि पति का भी छात्रावास में हस्तक्षेप रहता है। ग्रामीणों ने वार्ड के खिलाफ जांच अनुसार वसूली और तत्काल पद से पृथक किए जाने की मांग की है।