फिलहाल तीन दिन बस के सफर से बचें क्योंकि यह सड़कों से इस वजह से गायब हो गईं हैं
26 अप्रैल को मतदान होना है। इसके पहले ही बसों का अधिग्रहण शुरू हो गया। बुधवार को 497 बसें आरटीओ ने अधिग्रहित कर ली। सभी को इंजीनियरिंग कॉलेज में खड़ा करा दिया गया। गुरुवार को मतदान दलों को इन्हीं बसों से मतदान केन्द्र के लिए रवाना किया जाएगा। चुनाव के कारण सड़कों से बसें गायब हो गई हैं। यात्रियों को इसके कारण परेशानी उठानी पड़ी। आटो से गंतव्य तक जाना पड़ा।

आरटीओ ने 497 बसें और 225 चार पहिया वाहन अधिग्रहित की गईं
रीवा। यदि आप इन तीन दिनों में कहीं बाहर जाने की सोच रहे हैं तो जरा सम्हल कर घर से निकले। बस स्टैण्ड बसों से खाली हो गया है। बसें लोकसभा चुनाव में चली गई हैं। यात्रियों को सफर के लिए बसें नहीं मिल रही हैं। लोकसभा चुनाव के लिए अधिकांश बसें अधिग्रहित कर ली गई हैं। इसके कारण बस स्टैण्ड से ज्यादातर बसें गायब हो गई हैं। बुधवार को कुछ ही बसें चल रही थीं। गुरुवार तक यह भी सड़कों से हट जाएंगी। बसों के चुनाव के लिए अधिग्रहित हो जाने से बाहर से आने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। नए और पुराने बस स्टैण्ड में यात्री बसों के इंतजार में घंटों परेशान हुए। उनकी यात्रा आगे नहीं बढ़ पाई। बसें नहीं आईं। यात्रियों को मजबूरी में आटो व प्राइवेट गाडिय़ां किराए पर लेकर गंतव्य तक जाना पड़ा। यह समस्या आने वाले दो से तीन दिनों तक बनी रहेगी। गुरुवार को मतदान दलों को लेकर बसें मतदान केन्द्रों के लिए रवाना होंगी। मतदान के दूसरे दिन ही बसें वापस लौटेंगी। इसके बाद ही हालात पहले जैसे सामान्य होंगे। तब तक यात्रियों को यूं ही परेशानियां झेलनी पड़ेंगी। बसों की परेशानी से यदि आप को बचना है तो इन दो से तीन दिनों तक घर से सफर के लिए बच कर ही निकले। बसों के भरोसे तो बिल्कुल भी न निकले। सभी अधिग्रहित की गई बसों को इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में खड़ा किया जा रहा है। विधानसभा वार यहां पर काउंटर बनाए गए हैं। बसों को उसी आधार पर खड़ा किया जा रहा है। आरटीओ को बसों व चार पहिया वाहनों को अधिग्रहित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। लोकसभा चुनाव में करीब 600 बसें अधिग्रहित की जानी हैं।
इतने वाहन अधिग्रहित की गई हैं
लोकसभा चुनाव के लिए 497 अधिग्रहित हैं। इसमें से 445 बसें पोलिंग पार्टियों के लिए हैं। 52 बसें रिजर्व में रखी गईं है। 225 चार पहिया वाहन अधिग्रहित की गई हैं। इसकी जिम्मेदारी आरटीओ को दी गई है। आरटीओ टीम बसों को पकडऩे में दिन भर सड़कों पर खड़ा रहा। सभी को पकड़ कर इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में भेजा गया। अब इन्हीं वाहनों से गुरुवार को मतदान दलों को मतदान केन्द्रों के लिए रवाना किया जाएगा।