गडऱा हत्याकांड: घर के बाहर ताला लगाकर अंदर छुपे थे हत्यारे, ताला तोड़कर 15 को किया गिरफ्तार
गडऱा गांव में हुई युवक और एएसआई की हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की संख्या बढ़ती जा रही है। पुलिस ने मुख्य आरोपियों सहित पहले ही 9 को गिरफ्तार कर लिया था। 15 आरोपी घर के अंदर छुपे हुए थे। बाहर ताला लगा रखा था। पुलिस ने ताला तोड़कर सभी आरोपियों केा गिरफ्तार किया है। अब तक 29 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। वहीं 7 आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस की छापामार कार्रवाई जारी है।

अब तक 29 आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पुलिस की रिमांड पर
घर में दबिश देकर मृतक के परिजनों का लाइसेंसी बंदूक भी किया गया जब्त
रीवा। ज्ञात हो कि गडऱा गांव में होली के दूसरे दिन जब पुलिस होली मना रही थी। उसी दिन एक साजिश रची गई थी। गांव के ही सनी द्विवेदी को आदिवासी परिवार ने बंधक बना लिया था। बंधक बनाकर जमकर मारपीट की गई थी। इसकी सूचना जब पुलिस को दी गई थी। पुलिस बल मौके पर पहुंचा। युवक की इस दौरान इतना पीटा गया कि उसकी मौत हो गई थी। पुलिस युवक के शव को कब्जे में लेने का प्रयास करने में जुटी तो आदिवासियों ने पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया था। इस हमले में तहसीलदार सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। सभी घायलों को इलाज के लिए पहले सिविल अस्पताल फिर संजय गांधी अस्पताल रेफर किया गया था। इसमें एक एएआई की मौत हो गई थी। इस मामले के बाद पूरे प्रदेश और देश में हड़कंप मचा। डीजीपी कैलाश मकवाना निरीक्षण करने पहुंचे। पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। आरोपियों के गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू हुआ। पहले दिन ही 5 आरोपियों केा गिरफ्तार कर लिया गया। दूसरे दिन संख्या 9 पहुंची। फिर आरोपियों की गिरफ्तारी की संख्या बढ़ती ही गई। अब तक 29 आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। अभी और भी आरोपियों की तलाश जारी है। सभी घर और गांव छोड़कर भाग चुके हैं। पुलिस जगह जगह आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अब तक 29 को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं 7 आरोपियों को कोर्ट से जेल भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी को रिमांड पर लिया गया है।
बाहर लगा था ताला अंदर छुपे बैठे थे
गडऱा गांव के आदिवासी परिवार के सदस्य घरों के बाहर ताला लगाकर अंदर छुपे बैठे थे। इनकी तलाश में पुलिस इधर उधर छापामार कार्रवाई कर रही थी। तभी उन्हें घर में ही आरोपियों के छुपे होने की जानकारी हुई। पुलिस ने आरोपियों के घरों का ताला तोड़ा। घर के अंदर ही आरोपी छुपे हुए थे। करीब 15 लोगों को घरों के अंदर से पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस रिमांड में मुख्य आरोपी
गडऱा कांड के मुख्य आरोपी विनोद कोल सहित सात को पुलिस ने मंगलवार को न्यायालय में पेश किया था। दो महिलाओं सहित 7 आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है, वहीं मुख्य आरोपी विनोद कोल को पुलिस ने न्यायालय में पेश कर रिमांड में लिया है, जिससे पूछतांछ जारी है। पुलिस अब तक 29 संदेहियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ कर चुकी है, बीस से अधिक आरोपियों को नामजद किया गया है। गडरा गांव में हुई इस हिंसा के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। मंगलवार की शाम एसडीओपी कार्यालय में कमिश्नर बीएस जामोद, प्रभारी आइजी साकेत पाण्डेय , कलेक्टर अजय श्रीवास्तव, एसपी रसना ठाकुर ने बैठक की और हिरासत में लिए गए लोगों से भी पूछताछ की है।
घर में आग लगाने की तैयारी कर रहे थे आदिवासी
जिस कमरे में युवक की लाश थी उस कमरे को आदिवासी आग लगाने की तैयारी में थे। एसडीओपी मऊगंज अंकिता सुल्ये ने बताया कि शाहपुर थाना से सूचना मिलने के बाद बंधक युवक को छुड़ाने के लिए एक घंटा उनके द्वारा आदिवासियों से बातचीत की गई जिसके बाद आदिवासी कमरा खोलने को तैयार हुए। जब कमरा खुला तो पता लगा कि युवक मृत हालत में पड़ा हुआ है। जिसके बाद वहां में मौजूद आरोपी अपने गिरफ्तारी के डर से अचानक पुलिस टीम पर हमला कर दिए। एक महिला आरक्षक को कमरे को बंद कर लिए जहां युवक की लाश थी, शव को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। इसी बीच आदिवासी कमरे का दरवाजा तोडऩे का प्रयास कर रहे थे, साथ ही पेट्रोल और डीजल डालकर कमरे में आग लगाने की बात भी कर रहे थे। बंद कमरे से उनके द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई जिसके बाद जब पुलिस का और बल आया और हवाई फायर किया तो आरोपी वहां से भाग गए। करीब 70 मिनट इस दौरान एसडीओपी और महिला आरक्षक आरोपियों से बचाव के लिए जूझती रही।