फिर सुर्खियों में गडऱा, एक बंद मकान में मिली पिता, पुत्र और पुत्री की लाश, कलेक्टर और एसपी पहुंचे
19 दिन बाद गडऱा में फिर उथल पुथल मच गया है। शुक्रवार को एक बंद घर में बदबू की सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंची। जब घर के अंदर का नजारा देखा तो उनके होश उड़ गए। पिता, पुत्र और पुत्री का शव फंदे से लटके हुए मिले। शव पूरी तरह से सड़ चुकी थी। सूचना मिलते ही चारों तरफ हड़कंप मच गया। कलेक्टर, एसपी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई। पूर्व विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना भी पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर वह भड़क गए। पूरी घटना के लिए पुलिस और प्रशासन पर ही ठीकरा फोड़ दिए। पुरानी घटना से मामले को जोड़ते रहे। हालांकि पुलिस ने इससे इंकार किया है।
पिता, बेटा और बेटी का शव फंदे से लटकता मिला
कुछ दिन पुरानी बताई जा रही डेड बाडी
पुलिस कारणों की तलाश में जुटी
रीवा। आपको बता दें कि मऊगंज जिला का यह वही गांव गडऱा है। जहां 15 मार्च को आदिवासियों ने एक युवक को पीटपीट कर मौत के घाट उतार दिया था। युवक को बचाने पहुंची पुलिस पर भी हमला किया गया था। एक पुलिसकर्मी की भी मौत हुई थी। तब से यह गांव पुलिस के पहरे में था। धारा 163 लागू थी। इस घटना ने मऊगंज के कलेक्टर, एसपी तक बदल दिए थे। रीवा में आईजी पदस्थापना कराई। डीआईजी भी नप गए थे। इतना सब कुछ होने के बाद 19 दिन बाद फिर गडऱा में हड़कंप मचा है। शुक्रवार को यहां एक घर से तीन लाशें मिले हैं। सभी लाशें फंदे से लटकती मिली हैं। कई दिनों की पुरानी लाश होने के कारण सभी सड़ चुकी थी। घटना के बाद गडऱा गांव फिर सुर्खियों में आया है। मऊगंज विधायक ने गांव पहुंच कर नया विवाद खड़ा कर दिया है। विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना जब गांव पहुंचे तो उन्हें पुलिस ने रोक दिया। इस पर वह भड़क गए। पुलिस और प्रशासन पर ही इस मौत का ठीकरा फोडऩे लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मौत गडऱा में हुई हत्या का ही परिणाम है। पुलिस की प्रताडऩा से ही यह मौते हुई हैं। हालांकि हंगामा के बाद पूर्व विधायक को घटना स्थल तक जाने दिया गया। घटना की सूचना मिलने पर फोरेंसिक टीम जांच के लिए पहुंच गई थी। कलेक्टर और एसपी भी मौके पर पहुंचे। मौत की वजहों का पता लगाया जा रहा है। अभी मौत की असली वजह सामने नहीं आई है।
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पिता के साथ लटके मिले दो मासूम
घर के अंदर का नजारा झकझोर देने वाला था। तीन शव फांसी के फंदे से लटके हुए थे। मृतकों की पहचान औसेरी साकेत पिता राजाराम साकेत 55 वर्ष उसकी बेटी मीनाक्षी (11) और बेटे अमन (8) वर्ष के रूप में की गई है। शव को पीएम के लिए संजय गांधी अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया गया है।
तीसरी पत्नी भी छोड़कर चली गई थी, मासूम बच्चों के साथ रहता था मृतक
गडऱा गांव में एक कमरे के अंदर पिता, पुत्र और पुत्री का शव फांसी के फंदे से लटकता मिला। बताया जा रहा है कि मृतक औसेरी की तीन शादियां हुई थी, पहली पत्नी की मौत के बाद उसने दूसरी शादी कि जिसकी तीन लड़कियां व एक लड़का था। जिसके बाद दूसरी पत्नी की भी मौत होने पर उसने तीसरी शादी की थी। जिसके दो बच्चे थे। बताया जा रहा है कि तीसरी पत्नी करीब 7 वर्ष पूर्व औसेरी सहित बच्चों को छोड़कर दूसरे के साथ चली गई थी। जिसके बाद औसेरी तीसरी पत्नी की बेटी मीनाक्षी साकेत 11 व बेटे अमन 8 के साथ घर में रहता था और सिलाई का कार्य कर जीविकोपार्जन करता था। इसके अलावा दूसरी मृत पत्नी का एक लड़का प्रयागराज में मजदूरी करता था, जो घटना की जानकारी के बाद वापस पहुंच गया है।
15 मार्च से गडऱा गांव में तैनात है पुलिस
होली के एक दिन बाद 15 मार्च को गडरा गांव में बवाल हुआ था। सनी द्विवेदी नाम के युवक की आदिवासियों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। जब पुलिस पहुंची तो उसपर भी पथराव हुआ साथ ही पुलिस के ऊपर किए गए हमले में एएसआई रामचरण गौतम की मौत हो गई थी वहीं इस घटना में 15 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे। प्रशासन ने धारा 163 लागू की थी। अब भी पुलिस बल गांव में मौजूद था। इस घटना के बाद एक बार फिर अतिरिक्त पुलिस बल को गांव में तैनात किया गया है।
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आईजी रीवा जोन गौरव राजपूत ने बताया कि मऊगंज जिले के गडऱा में औसेरी साकेत के घर से बदबू आ रही थी, घर के अंदर से दरवाजा लॉक था, जिसे पुलिस ने तुड़वाकर अंदर प्रवेश किया जहां औसेरी व उसका एक बेटा और बेटी फांसी के फंदे से लटकते मिले है। पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट होगे। प्रथम दृष्टया पारिवारिक कारणों के चलते सामूहिक सुसाइड का मामला लग रहा है। 15 मार्च को हुई हिंसा से यह मामला पूरी तरह से अलग है।
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घटना को लेकर पुलिस पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह से निराधार है। गडऱा में साकेत समाज की बस्ती से घर से बदबू आने की सूचना मिली थी। आसपास के लोगों की मदद से पुलिस ने दरवाजा तोड़कर बाहर निकलावा। अंदर तीन डेडबॉडी थी। शवों का आइडेंटिफिकेशन कराने के बाद पीएम के लिए भिजवाया गया है, जिसके बाद ही मौत के कारण स्पष्ट होगे।
दिलीप सोनी, पुलिस अधीक्षक मऊगंज