गडऱा हत्याकांड ने तोड़ी सरकार की नींद, आईजी की हुई पदस्थापना, डीआईजी हटाए गए
मऊगंज जिला में हुए गडऱा हत्याकांड ने सरकार की नींद उड़ा दी। रीवा में आईजी का पद कई महीनों से खाली था। डीआईजी ही दोनों पद सम्हाल रहे थे। गडऱा में हत्याकांड हुआ तो सरकार की नींद टूटी। प्रदेशभर में 15 आईपीएस अधिकारियेां के तबादले किए गए। इतना ही नहीं रीवा में आईजी की खाली कुर्सी पर भी गौरव राजपूत की पदस्थापना कर दी गई। डीआईजी साकेत पाण्डेय की पदस्थापना के दौरान ही गडऱा कांड़ हुआ। इसकी सजा भी उन्हें मिले। रीवा से हटाकर पुलिस मुख्यालय में पदस्थ कर दिया गया। उनकी जगह राजेश सिंह को पदस्थ किया गया है।

पहले ही मऊगंज के एसपी और कलेक्टर का तबादला हो चुका है
रीवा और मऊगंज की लचर कानून व्यस्था में सुधार लाने के लिए किए गए बदलाव
भोपाल/ रीवा। प्रदेश के गृह विभाग मंत्रालय राज्य शासन द्वारा रविवार को 15 आइपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए गए। गौरव राजपूत को रीवा रेंज का आईजी व राजेश सिंह की डीआईजी के रूप में नियुक्ति की गई है। गौरतलब है कि रीवा रेंज के आईजी रहे डॉ. महेंद्र ङ्क्षसह सिकरवार के सेवानिवृत्त होने के बाद से आईजी का पद रिक्त था। डीआईजी साकेत प्रकाश पाण्डेय आईजी के प्रभार में थे। राज्य शासन द्वारा जारी किए गए आदेश के मुताबिक 2002 बैच के आईपीएस गौरव राजपूत को पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन के लिए पदस्थापना संबंधी आदेश जारी किया गया है, वो विशेष कर्तव्य अधिकारी(पदेन सचिव) म.प्र शासन, गृह विभाग मंत्रालय भोपाल में पदस्थ थे। जबकि डीआईजी साकेत प्रकाश पाण्डेय को पुलिस मुख्यालय भोपाल के लिए पदस्थपना आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही डीआईजी रीवा रेंज की कमान अब 2010 बैच के आईपीएस राजेश सिंह को दी गई है, जो उप पुलिस महानिरीक्षक सेनानी 25 वीं वाहिनी विसबल भोपाल में पदस्थ थे।
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मऊगंज घटना में तीसरे अधिकारी हटाए गए
्रइधर विंध्य क्षेत्र के मऊगंज में पिछले दिनों हुई घटना से मुख्यमंत्री की नाराजगी से वहां के डीआईजी साकेत पांडे को हटना पड़ा है। मऊगंज के एसपी और कलेक्टर को सीएम के निर्देश पर पहले ही हटा दिया गया था। अब बतौर प्रभारी आईजी दायित्व निभा रहे डीआईजी साकेत पांडे को रविवार को जारी हुई तबादला सूची में बदल दिया गया है। साकेत पांडे अब पीएचक्यू में पदस्थ होंगे।
गौरव राजपूत को कई वर्षों बाद मैदानी जिम्मेदारी
काफी समय से मैदानी जिम्मेदारी से दूर रहे गौरव राजपूत को रीवा रेंज का पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। महेन्द्र सिंह सिकरवार के सेवानिवृत्त होने के बाद रीवा जोन के आईजी का पद खाली था और डीआईजी साकेत पाण्डेय बतौर प्रभारी इस जिम्मेदारी को संभाल रहे थे। लेकिन अब गौरव राजपूत रीवा रेंज के आईजी बना दिए गए हैं।
कटियार को अहम जिम्मेदारी
स्थानांतरण सूची में एक और अहम फैसला देखने को मिलना है, जिसमें विशेष डीजी आदर्श कटियार को अहम माने जानी वाले प्रशासन का दायित्व सौंपा गया है। लंबे समय से प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे एडीजी राजाबाबू सिंह की पोस्टिंग कर दी गई है,उन्हें प्रशिक्षण की जिम्मेदारी दी गई है।
6 महीने में ही डीजी लोकायुक्त की कुर्सी बदल गई
परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा मामले ने 6 माह पूर्व प्रभारी डीजी लोकायुक्त बनाए गए जयदीप प्रसाद की कुर्सी बदलवा दी। सितम्बर 2024 में राज्य सरकार ने आईपीएस अधिकारी जगदीप प्रसाद की सेवाएं जीएडी को सौंपते हुए उन्हें प्रभारी डीजी लोकायुक्त संगठन पद पर नियुक्त किया था। कार्यकाल के दौरान पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा से जुड़े भ्रष्टाचार का मामला सामने आया। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस मामले को लेकर एडीजी जयदीप प्रसाद की भूमिका से संतुष्ट नहीं थे, जिससे उन्हें छह माह में ही इस पद से हटना पड़ा। इसी तरह सीएम ने एडीजी इंटेलीजेंस योगेश देशमुख की कार्यपद्धति पर भरोसा जताते हुए उन्हें प्रभारी डीजी लोकायुक्त बना दिया है। इस फेरबदल में सीएम के ओएसडी राकेश कुमार गुप्ता को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए संचालक खेल एवं युवक कल्याण बनाया है। चर्चा है कि सीएम इस महत्वपूर्ण पद पर ऐसे किसी अधिकारी को बैठाना चाहते थे, जो परिणाम लेकर आए और विभागीय मंत्री के साथ मिलकर खेल और युवक कल्याण के दिशा में बेहतर काम करें। इस फेरबदल में एडीजी इंटेलीजेंस के महत्वपूर्ण पद पर ए.साई मनोहर को पदस्थ किया गया है। कहा जा रहा है मनोहर ने हमेशा से ही अपनी कार्यप्रणाली से वरिष्ठ अधिकारियों और सीएम का ध्यान आकर्षित किया है, ऐसे में जब योगेश देशमुख को प्रभारी डीजी लोकायुक्त बनाए जाने पर निर्णय हुआ, तो उनके स्थान पर इस अति महत्वपूर्ण पद के लिए अधिकारी की तलाश की गई, तब ए. साई मनोहर के नाम पर पीएचक्यू से लेकर मंत्रालय और मुख्यमंत्री सचिवालय तक सहमति बनी।