एचएसीएल सुविधाएं देने में फेल, एसजीएमएच के सेम्पल काउंटर में लग रही लंबी लाइन, मरीज परेशान

एसजीएमएच में एचएसीएल बेहतर सुविधा मुहैया नहीं करा पा रही है। जांच काउंटर पर मरीजों की लंबी लाइन लगती है। पर्ची कटवाने और सेम्पल जमा करने में ही पूरा समय मरीजों का निकल जाता है। ओपीडी में पर्ची काउंटर में शनिलवार को मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। घंटों इंतजार के बाद मरीजों का नंबर आया।

एचएसीएल सुविधाएं देने में फेल, एसजीएमएच के सेम्पल काउंटर में लग रही लंबी लाइन, मरीज परेशान
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24 घंटे सेवाएं भी नहीं दे पा रही एचएसीएल कंपनी
लाइन में ही मरीजों का वक्त बीत रहा, परेशानियां नहीं हो रही कम
रीवा। ज्ञात हो कि सरकार मरीजों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए जांच की जिम्मेदारी प्राइवेट कंपनी को दे दी है। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में सेंट्रल पैथालॉजी बनाई गई है। यहां करोड़ों रुपए की मशीनें इंस्टाल की गई हैं। इन मशीनों से जांच की जिम्मेदारी एचएसीएल कंपनी को दी गई है। एचससीएल कंपनी ही जांच से लेकर सेम्पल कलेक्शन तक की जिम्मेदारी निभा रही है। हालांकि कंपनी सुविधाएं देने में फेल हो रही है। पर्याप्त कर्मचारी पर्ची काउंटर और सेम्पल कलेक्शन में नहीं लगा पा रहे हैं। इसके कारण अव्यवस्थाएं बढ़ रही हैं। संजय गांधी अस्पताल और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में पहले मरीज को दिखाने के लिए घंटो पर्ची काउंटर पर खड़े होना पड़ता है। इसके बाद सबसे अधिक समस्या एचएसीएल के पर्ची काउंटर में होती है। पर्ची काउंटर से मरीजों को जांच के लिए बार कोडेड सेम्पल की डिब्बियां दी जाती है। इसी में सबसे अधिक समय लगता है। शनिवार को ओपीडी में प्रथम तल पर गैलरी में ही लंबी लाइन लगी हुई थी। काम धीमा चल रहा था। यहां काउंटर की संख्या कम है और मरीज उम्मीद से अधिक पहुंच रहे हैं। इसके कारण पूरा रास्ता ही मरीजों की लाइन के कारण बंद हो गया था। बूढ़े और बीमार लोगों को घंटों लाइन में सिर्फ जांच पर्ची के लिए इंतजार करना पड़ा।
एचएसीएल की जांच रिपोर्ट पर भी सवाल
प्राइवेट कंपनी एचएसीएल सिर्फ व्यवस्थाओं में ही फेल नहीं है। इसकी जांच रिपोर्ट पर भी कई तरह के सवाल खड़े होते रहे हैं। इसके जांच मेें शुद्धता का भी आभाव रहता है। अधिकांश मरीजों के बी 12 की रिपोर्ट में गड़बड़ी रहती है। सभी को बी 12 में कमी बताई जाती है। इसके अलावा यहां की जांच कराने के बाद बाहर की जांच में भी भिन्नता देखने को मिलती है। करोड़ों रुपए सरकार एचएसीएल को दे रही है। इसके बाद भी जांच में शुद्धता सवालों के घेरे में हैं।
रात में नहीं होती जांच, भटकते हैं मरीज
एसजीएमएच, जीएमएच और सुपर स्पेशलिटी में एचएसीएल को 24 घंटे सेवाएं देनी है। सभी काउंटर पर हर समय कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश हैं लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। रात में पर्ची और कलेक्शन काउंटर से कर्मचारी गायब हो जाते हैं। इसके कारण मरीजों को रातभर इधर उधर भटकना पड़ता है। मरीजों की इस मजबूरी का फायदा प्राइवेट पैथालॉजी सेंटर के कर्मचारी उठाते हैं। जांच के नाम पर मोटी रकम वसूलते हैं। एचएसीएल के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है। इन पर जुर्माना तक नहीं लगाया जा रहा है।