132 केवी टॉवरों से पार्ट्स चुरा मकान और दुकान बना रखे थे, गिरने वाले थे टॉवर, पुलिस ने मारी रेड, मामला हुआ दर्ज

132 केवी के टॉवरों से पाट्स चोरी के कई मामले सामने आ चुके हैं। कुछ जगहों पर चोरी के कारण टॉवर धरसाई भी हुए थे। अब नया मामला फिर सामने आया है। कुछ टॉवरों से पाटर््स चोरी कर लोग घर और दुकान में उपयोग कर रहे थे। इसका खुलासा एमपी ट्रांसको के मेंटीनेंस के दौरान हुआ। पुलिस की मदद से जब दबिश दी तो मकान और दुकानों से पार्ट्स भी बरामद हुए हैं । पुलिस थाना में शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया गया है।

132 केवी टॉवरों से पार्ट्स चुरा मकान और दुकान बना रखे थे, गिरने वाले थे टॉवर, पुलिस ने मारी रेड, मामला हुआ दर्ज

एमपी ट्रांसको के कर्मचारियों ने पेट्रोलिंग के दौरान पकड़ी चोरी, कई टॉवर से गायब थे पार्ट्स
यदि टॉवर गिरते तो कई गांव की महीनों तक गुल हो जाती बिजली
रीवा। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) की 132 के.व्ही. रीवा (जेपी -अल्ट्राटेक) बघवार लाइन के छुहिया घाटी स्थित टॉवरों से चोरी हुये पार्ट्स (एंगल) का एमपी ट्रांसको की ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेन्स टीम ने समय पर पता लगा लिया। टीम की इस सजगता और सतर्कता के कारण समय रहते क्षेत्र में लंबे विद्युत व्यवधान के साथ घने जंगल में भीषण आग लगने की आशंका को टाला जा सका। यह लाइन न केवल सीमेंट प्लांट को विद्युत आपूर्ति करती है, बल्कि इससे सिल्परा 220 के.व्ही. सबस्टेशन रीवा को भी विद्युत मिलती है। कई टॉवर से पार्ट्स चोरी किए गए थे। पाटर््स चोरी होने के कारण टॉवर धरसाई होने की कगार पर पहुंच गए थे। यदि समय रहते इसका खुलासा नहीं होता तो टॉवर धरसाई हो जाते और कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप पड़ जाती। इन टॉवरों को दोबारा खड़ा करने में महीनों का समय लग जाता। हालांकि इसके पहले ही टीम ने टॉवरों को दुरस्त कर लिया और पाटर््स चोरी करने वालों को भी पकड़ लिया गया।
कई गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो जाती
उल्लेखनीय है कि विगत कई माह से इस लाइन के टॉवर पार्ट्स की चोरी हो रही थी। जिसके कारण उक्त लाइन के क्षतिग्रस्त होने की नौबत आ गई थी, यदि समय पर इन चोरी किये गये टॉवरों के पार्ट्स के स्थान पर नये पार्ट्स नही लगाये गये होते तो बघवार, पिपरांव, सरदा, मलगांव, पटना, धौरहरा क्षेत्र के अनेक गांव के निवासियों को महीनों बिना बिजली के रहना पड़ सकता था। साथ ही घने जंगलों से गुजरने वाली यह लाइन क्षतिग्रस्त होने पर वृक्षों पर गिरती तो न केवल जंगल में आग लगने का निश्चित खतरा रहता बल्कि इससे बड़े क्षेत्र में जनधन हानि की आंशका पैदा हो जाती। चूंकि इस लाइन के नीचे से अनेक 33 एवं 11 के.व्ही. की लाइने भी गुजरती है जिसके कारण यह लाइनें भी क्षतिग्रस्त होती, जिससे बडे इलाके में लंबे समय तक विद्युत व्यवधान हो सकता था।


कबाड़ की दुकानों में मिले टॉवर के पाटर््स
ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेन्स की टीम द्वारा उक्त लाइन की लगातार रात्रिकालीन पेट्रोलिंग कराई गई, साथ ही घाटी के आसपास के क्षेत्र में टॉवर पार्ट्स की तलाशी भी की गई। एम.पी. ट्रांसको के कार्मिकों द्वारा लाइन पेट्रोलिंग एवं निरीक्षण के दौरान कुछ टॉवर पार्ट्स स्थानीय कबाड़ की दुकानों में पाये गये जिसकी सूचना तत्काल चौकी प्रभारी, पुलिस चौकी पिपरांव जिला सीधी को दी गई एवं पुलिस टीम के साथ जाकर कई स्थानों से टॉवर पार्ट्स बरामद किये गये। इसी तरह 132 के.व्ही. रीवा- (जेपी -अल्ट्राटेक) बघवार लाइन से चोरी कर घरों एवं दुकानों में लगाये गये दो दर्जन से अधिक टॉवर पार्ट्स को भी पुलिस एवं लाइन स्टाफ की मदद से निकलवाया गया। अभियंतागण अमित कुमार एवं अजय कुमार चौरसिया द्वारा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जिला प्रशासन के सहयोग से प्राथमिकी दर्ज कराई गई।