भाजपा सरकार में शिक्षा विभाग की कांग्रेस से भी बुरी दुर्गति, जूनियर आफीसर बन रहे सीनियर अंडर में काम कर रहे

शिक्षा विभाग की भाजपा सरकार ने दुर्गति कर दी है। कुछ भी चल रहा है। ऐसा पहले कांग्रेस की सरकार में होता था लेकिन अब भाजपा सरकार एक कदम आगे बढ़ गई है। उच्च पदों पर किसी को भी पदस्थ किया जा रहा है। वरिष्ठता दरकिनार की जा रही है। जेडी से लेकर स्कूल के प्राचार्य पद पर जूनियर पदस्थ कर दिए गए हैं। इससे स्कूल शिक्षा विभाग का स्तर ही गिर गया है।

भाजपा सरकार में शिक्षा विभाग की कांग्रेस से भी बुरी दुर्गति, जूनियर आफीसर बन रहे सीनियर अंडर में काम कर रहे
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लालगांव स्कूल में प्राथमिक शिक्षक को प्रभारी प्राचार्य बना कर बैठा दिया गया
जेडी सहायक संचालक बन बैठे हैं, उप संचालक अंडर में काम कर रहे
रीवा। स्कूल शिक्षा विभाग में कुछ ऐसा हो रहा है जिसने कांग्रेस की सरकार को भी पीछे छोड़ दिया है। स्कूलों में उच्च पदों पर वरिष्ठता का पालन नहीं किया जा रहा। जेडी से लेकर हर उच्च पदों पर जूनियर को ही प्रभारी बनाकर बैठा दिया गया है। जूनियर के आदेश पर सीनियर काम कर रहे हैं। फिर नया मामला लालगांव हायर सेकेण्डरी का आया है। यहां प्राथमिक शिक्षक को प्रभारी प्राचार्य बना दिया गया है। सभी सीनियरों को दरकिनार कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार बालेन्दु द्विवेदी प्राथमिक शिक्षक को हायर सेकेण्डरी लालगांव का प्राचार्य बना दिया है। सूत्रों की मानें तो स्कूल में उच्च माध्यमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक पूर्व से ही पदस्थ हैं फिर भी किसी को प्रभार नहीं सौंपा गया। स्कूल शिक्षा विभाग में सब कुछ नियम विरुद्ध ही चल रहा है। जूनियर को प्रमोट कर सीनियर को पदस्थ किया जा रहा है। प्राचार्य के प्रभार के मामले में पहली प्राथमिक व्याख्याता को देनी चाहिए। इसके बाद उच्च श्रेणी शिक्षक, फिर प्रधानाध्यापक और फिर सहायक शिक्षक, इसके बाद प्राथमिक शिक्षक को प्रभार सौंपने का नियम है। इसके बाद भी सारे नियमों को बायपास कर प्राथमिक शिक्षक को लालगांव स्कूल का प्राचार्य बनाया गया है। इससे वरिष्ठ शिक्षक शासन के कार्यों से खुद को कुंठित महसूस कर रहे हैं।
अधिकांश पदों पर जूनियर को ही उच्च पद की जिम्मेदारी
स्कूल शिक्षा विभाग के पास बच्चों को इमानदारी और सच्चाई का पाठ पढ़ाने और सही रास्ता दिखाने की जिम्मेदारी है। शिक्षक बच्चों को देश के भविष्य के रूप में तैयार करते हैं। इसी शिक्षा विभाग में सारे नियम विरुद्ध कार्य हो रहे हैं। इसका खामियाजा पूरा शिक्षा जगत उठा रहा है। यहां जेडी सहायक संचालक को बनाया गया है। सीनियर के रूप में उप संचालक यहां पहले से ही पदस्थ हैं। इसके बाद भी सहायक संचालक को प्रभार सौंप दिया गया। इसी तरह अन्य पदों पर ही सीनियर को दरकिनार कर जूनियर को ही जिम्मेदारी दी गई है।
कई शिक्षक कार्यालयों में अटैचमेंट में हैं
शिक्षा विभाग में अटैचमेंट के कारण शैक्षणिक व्यवस्था भी स्कूलों की चौपट हो गई है। स्कूलों में शासन ने अतिशेष शिक्षकों केा हटा दिया। इसके बाद भी जो शिक्षक बचे उनके पास छात्रों को पढ़ाने की जिम्मेदारी थी। स्कूलों में अब संख्या कम हो गई है। इसके बाद भी कई शिक्षक अटैचमेंट में चल रहे हैं। जेडी कार्यालय से लेकर डीईओ कार्यालय, बीईओ कार्यालय में अटैचमेंट में काम कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो जेउी आफिस में सुरेन्द्र सिंह मार्तण्ड स्कूल क्रमांक 2, जीतेन्द्र चतुर्वेदी रहट, अविनाश गौतम डीईओ कार्यालय, शैलेन्द्र मिश्रा डीईओ कार्यालय में अटैचमेंट में चल रहे हैं। इसके अलावा भी अटैचमेंट वालोंं की संख्या काफी अधिक है। एक शिक्षक भी जेडी आफिस में अटैचमेंट में चल रहे हैं।