प्राइवेट स्कूलों की जांच शुरू: जांच में पहले ही दिन फंस गई बिलाबांग, 20 फीसदी बढ़ी मिली फीस, फिर बचाने की कोशिश शुरू

मनमानी फीस वृद्धि और महंगी किताबें खरीदने की बाध्यता से अभिभावकों को बचाने कलेक्टर ने प्राइवेट स्कूलों की जांच शुरू करा दी है। तीन टीमें बनाकर 30 स्कूलों की जांच कराई जा रही है। इस जांच में पहले ही दिन रीवा में नामी स्कूल बिलाबांग फंस गई। पिछले साल जांच में फंसी थी। राजनीतिक दबाव में बचा दिया गया था। इस बार फिर फंसी है। जांच के दौरान 20 फीसदी फीस वृद्धि पकड़ी गई। आनलाइन फीस की जानकारी फीड नहीं की जा रही थी। आफ लाइन ही फीस वसूली चल रही थी। इस मामले में भी अब लीपापोती शुरू हो गई है। गड़बड़ी मिलने पर भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई। वहीं दूसरी तरफ चिरहुला में एक प्राइवेट स्कूल पहुंची सहायक संचालक की टीम को प्रबंधन ने खदेड़ दिया। किसी तरह के रिकार्ड ही नहीं दिखाए।

प्राइवेट स्कूलों की जांच शुरू: जांच में पहले ही दिन फंस गई बिलाबांग, 20 फीसदी बढ़ी मिली फीस, फिर बचाने की कोशिश शुरू
File photo

चिरहुला में संचालित भास्कर स्कूल पहुंची सहायक संचालक को बिना जानकारी दिए बैरंग लौटाया
तीन टीमें बनाकर 30 स्कूलों की जांच कराई जा रही है, कलेक्टर ने तीन दिन में मांगा है जांच प्रतिवेदन
रीवा। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया है। प्राइवेट स्कूलों में फीस और किताब, कापियों के नाम पर अभिभावकों से लूट खसोट शुरू हो गया है। इन पर नकेल कसने के लिए कलेक्टर ने प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ जांच बैठा दी है। कलेक्टर के निर्देश पर तीन टीमें गठित की गई हैं। इन्हें 30 स्कूलों की जिम्मेदारी जांच के लिए दी गई है। तीन दिन में जांच पूरी कर कलेक्टर को रिपोर्ट देनी है। जांच में फीस वृद्धि और महंगे प्रकाशक की किताबों की जांच की जानी है। सूत्रों की मानें तो जांच में पहले ही दिन टीम को गड़बड़ी मिल गई। यह गड़बड़ी रीवा की सबसे बड़ी स्कूल में मिली है। बिलाबांग पहुंची टीम को कलेक्टर के निर्देश के विपरीत ही हालात मिले। यहां पढऩे वाले बच्चों की फीस में आफलाइन 20 फीसदी तक वृद्धि किया जाना पाया गया। स्कूल प्रबंधन ने आनलाइन फीस की जानकारी भी दर्ज नहीं कराई है। चुपचाप अभिभावकों की जेब में सेंध लगाई जा रही थी। इतना ही नहीं यहां महंगे प्रकाशकों की किताबें भी संचालित मिली। एनसीआरटी की किताबें शामिल नहीं होना पाया गया। जांच में गड़बड़ी के बाद अब मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
भास्कर स्कूल पहुंची टीम को बैरंग लौटाया
मिली जानकारी के अनुसार सहायक संचालक आकांक्षा सोनी और एएसओ श्रीमती संगीता त्रिपाठी जांच करने चिरहुला में भास्कर स्कूल पहुंची थी। स्कूल प्रबंधन ने पहले तो टीम के साथ ठीक ढ़ंग से व्यवहार नहीं किया। इसके बाद मांगे गए दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए। इस वर्ष और पिछले साल के फीस की जानकारी चाही गई। आनलाइन और आफलाइन रिकार्ड मांगे गए। वह भी स्कूल प्रबंधन ने उपलब्ध नहीं कराया।
तीन टीमें बनाई गईं और 30 स्कूलों के जांच की जिम्मेदारी
कलेक्टर के निर्देश पर डीईओ ने तीन टीम बनाई है। तीन टीमों को 30 स्कूलें जांच के लिए आवंटित की गई हैं। इन स्कूलों तक पहुंच कर टीम को फीस से लेकर पुस्तकों की जानकारी जुटानी है। आनलाइन और ऑफलाइन फीस के रिकार्ड खंगालने के साथ ही दस्तावेज भी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्व सत्र और वर्तमान सत्र में यदि स्कूलों में मनमानी तरीके से पुस्तकों में बदलाव किया है तो यह भी जानकारी जांच टीम को जुटानी होगी। अधिक मूल्य की पुस्तकों पर भी नकेल कसी गई है। इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच पूरी करने के बाद 4 मार्च को ही प्रतिवेदन भी टीम को कलेक्टर के सामने प्रस्तुत करना होगा।
किस टीम को किन विद्यालयों को मिली जिम्मेदारी
डीईओ ने तीन टीम बनाई है। एक टीम में सहायक संचालक आकांक्ष सोनी, सीएम राइज प्राचार्य वरुणेन्द्र प्रताप ङ्क्षसह, एसके स्कूल प्राचार्य मिथिलेश गहरवार, एएसओ संगीता त्रिपाठी शामिल हैं। इन्हें फ्रोमेंस स्कूल, बीएनपी स्कूल, इंट्रिगिटी स्कूल, भास्कर स्कूल, वेदांता पब्लिक स्कूल चिरहुला, लक्ष्य एकेडमी चिरहुला, इंडियन पब्लिक स्कूल, टेंडर हार्ट इंटरनेशनल स्कूल गंगापुर, विंध्या पब्लिक स्कूल अनंतपुर और हावर्ड इंटर नेशनल स्कूल रीवा के जांच की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह दूसरी टीम में सहायक संचालक राजेश मिश्रा, योजना अधिकारी अखिलेश मिश्रज्ञ, बदरांव प्राचार्य आरके जैन, रामपुर गंगेव प्राचार्य गिरीश मिश्रा शामिल हैं। इन्हें गीतांजलि पब्लिक स्कूल सिविल लाइन, सेंट्रल एकेडमी, बाल भारती स्कूल, ज्ञानस्थली, राजहंश, गीता ज्योति, ज्योति उमावि समान, सांई पब्लिक स्कूल, रीवा इंटरनेशनल स्कूल समान, रेवांचल पब्लिक स्कूल यूनिवर्सिटी रोड की जांच करनी है। इसी तरह तीसरी टीम में नवीन श्रीवास्तव एडीपीसी रमसा, देवराज सिंह प्राचार्य हर्दी शंकर, भोलगढ़ प्रार्चा वीरेन्द्र शुक्ला, खजुहा प्राचार्य शरदचंद्र त्रिपाठी को शामिल किया गया है। इन्हें सेक्रेड हार्ट पडऱा, गुरुकुल उमावि खैरा चोरहटा, बिलाबांग उमावि खैरा चोरहटा, दिल्ली पब्लिक स्कूल अटरिया, किड्स वल्र्ड रमकुईं, किड्स वर्ड झिरिया, नंदन किड्स अनंतपुर, चिल्ड्रन एकेडमी अनंतपुर, द ब्रेन शेपर्स स्कूल शारदापुरम, सेंट मैरी उमावि अनंतपुर की जांच करनी है।
बिलाबांग में पिछले साल पकड़ाए थे लोगो लगे बैग
बिलाबांग स्कूल की कारस्तानी पिछले साल भी पकड़ी गई थी। जिला शिक्षा अधिकारी, तहसीलदार और जिला कोषालय अधिकारी ने बिलाबांग स्कूल में रेड मारी थी। शिकायत मिली थी कि स्कूल का लोगो लगा बैग अग्रसेन बुक डिपो से बेचा जा रहा है। अतिरिक्त वसूली की जा रही है। टीम ने पहले अग्रसेन बुक डिपो में रेड मारी थी। दुकान संचालक ने बताया था कि बिलाबाँग स्कूल के बैग स्टीफन स्टोन एकेडमी द्वारा सप्लाई किए जा रहे हैं। इस कंपनी का पता बिलाबाँग स्कूल दर्ज मिला। टीम द्वारा मौके पर जाँच करने पर स्टीफन स्टोन एकेडमी कहीं संचालित नहीं पाई गई। प्राथमिक रूप से स्पष्ट हुआ कि इसका संचालन बिलाबांग स्कूल से ही किया जा रहा है। प्रिंसिपल कक्ष के पीछे के कक्ष में स्कूल का नाम लिखे एवं लोगो लिखे कई बैग बरामद किए गए थे। इसके बाद टीम ने प्राचार्य कक्ष को सीज कर दिया था। इसके अलावा स्कूल संचालक और प्राचार्य को नोटिस जारी की गई थी। नोटिस के बाद हड़कंप मचा और स्कूल संचालक जवाब लेकर डीईओ के पास पहुंच गए। माफी मांगी इसके बाद ही उन्हें राहत दी गई। सूत्रों की मानें तो राजनीतिक पहुंच और दखल के कारण बिलाबांग को बचा लिया गया था। अब फिर से अभिभावकों को लूटा जा रहा है। जबकि पिछले साल कार्रवाई के दौरान संचालक आशीष काकवानी ने लिखित में बढ़ी हुई फीस समायोजित करने और पुरानी फीस लेने की बात कही थी। इस साल फिर से फीस बढ़ा दी गई।