रीवा में इजराइल की इंट्री, नगर निगम क्षेत्र में इस व्यवस्था को बनाने में ली जाएगी मदद
जल प्रबंधन के लिये इजरायल का नाम विश्व में विख्यात है। उनके अनुभव, प्रयासों और सुझावों से रीवा नगर निगम क्षेत्र में बेहतर जल प्रबंधन किया जायेगा। योजना का निर्माण भविष्य की आवश्यकताओं और मांग को ध्यान में रखकर किया जायेगा।
सोमवार को डिप्टी सीएम ने इजरायल प्रतिनिधि मंडल के साथ किया मंथन
रीवा। सोमवार को उप मुख्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा नगर निगम क्षेत्र में वाटर सप्लाई के संबंध में इजरायल प्रतिनिधि मंडल के साथ मंथन किए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा शहर में जल वितरण प्रणाली को लीकेज प्रूफ बनाने के साथ हर घर में शुद्ध जल पहुँचना सुनिश्चित करना है। जल संग्रहण के साथ जल का संवर्धन भी भविष्य की मांग को पूरा करने के लिये आवश्यक है। जल को उपचारित कर पुन: प्रयोग करना समय की मांग है और पर्यावरण अनुसंगत है। इसे ध्यान में रखते हुए योजना का निर्माण किया जाये। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल के चार इमली स्थित निवास कार्यालय भोपाल में नगर निगम रीवा में वाटर सप्लाई सुविधा के विस्तार, प्रबंधन और सशक्तीकरण संबंधी चर्चा के दौरान इजरायल प्रतिनिधि मंडल ने बेहतर जल प्रबंधन और वितरण नेटवर्क सुदृढ़ीकरण पर अपने अनुभव को साझा किया। बताया कि जल संसाधन प्रबंधन के लिये कृत्रिम और प्राकृतिक सोर्स का चिन्हांकन किया जाना महत्वपूर्ण है। कृत्रिम स्तंभों में अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग शामिल है। प्राकृतिक स्तंभों में वर्षा जल संग्रहण, भूजल पुनर्भरण, झील व भूजल निगरानी, और बाढ़ जल संग्रहण शामिल हैं। प्रभावी प्रबंधन के लिए संरक्षण और पुन:प्राप्ति सुनिश्चित कर जल संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है। इजराइल प्रतिनिधि मंडल में वॉटर अटैशे श्रीमती नोआ अमसालेम, वरिष्ठ जल संसाधन विशेषज्ञ नीरज गहलावत शामिल थे।
भारत में इजऱाइल वॉटर अटैशे दोनों देशों के बीच जल संसाधन प्रबंधन, तकनीकी सहयोग और अनुसंधान में साझेदारी को मजबूत करने का कार्य करते हैं। जल संरक्षण, पुनर्चक्रण और कुशल सिंचाई तकनीकों जैसे क्षेत्रों में तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान करते हैं। इसके साथ ही, जल सुरक्षा, जल प्रदूषण नियंत्रण और नीति निर्माण में सहयोग प्रदान करते हैं। वॉटर अटैशे शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के बीच संयुक्त परियोजनाओं को प्रोत्साहित करते हैं और जल संकट से निपटने के लिए दीर्घकालिक समाधान विकसित करने में मदद करते हैं।
नगर निगम रीवा में तकनीकी सलाहकार यूएडीडी सतीश कुमार राव ने रीवा में अब तक किये गये कार्य, प्रस्तावित योजना की जानकारी दी। रीवा शहर में वर्तमान में 550 किमी वितरण नेटवर्क से 45 हजार परिवारों को नल कनेक्शन दिये गये हैं। 23 मिलियन किली की भंडारण क्षमता है। 58 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट किया जा रहा है। अमृत 2.0 परियोजना में 2026 तक 37 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट 18.7 मिलियन किली भंडारण क्षमता 450 किमी वितरण नेटवर्क और 15 हज़ार नये जल कनेक्शन दिया जाना प्रस्तावित है। साथ ही पुरानी नेटवर्क प्रणाली को रिपेयर करना कार्ययोजना का प्रमुख अंग है। रीवा में 24 गुणा 7 वॉटर सप्लाई सुनिश्चित करने के लक्ष्य पर योजना का निर्माण किया जा रहा है, इसके लिये जल के जि़म्मेदारी पूर्ण उपयोग के लिये जन-जागरूकता अभियान को भी प्रस्ताव में शामिल किया जायेगा।