सुपर स्पेशलिटी के ठेकेदार के कर्मचारी की करतूत, मरीज के परिजन से की गालीगलौज, डीन से की गई शिकायत

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के पार्किंग कर्मचारियों की अभद्रता के कारण सिर्फ मरीज के परिजन ही नहीं डॉक्टर और कर्मचारी भी हो रहे हैं। अवैध वसूली का शिकार एक मरीज के परिजन के साथ पार्किंग कर्मचारी ने गालीगलौज की। बाहर देख लेने की धमकी तक दी गई। बाद में अस्पताल के स्टाफ के हस्तक्षेप के बाद अवैध वसूली से कर्मचारी बाज आया। इसकी शिकायत पीडि़त ने श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन से की है।

सुपर स्पेशलिटी के ठेकेदार के कर्मचारी की करतूत, मरीज के परिजन से की गालीगलौज, डीन से की गई शिकायत
File photo

मां का इलाज कराने पहुंचा था पीडि़त, पार्किंग की पर्ची भी कटाई फिर अधिक रुपए मांगने लगा
विरोध करने पर देख लेने की दी धमकी, गालीगलौज भी की गई
रीवा। पीडि़त बृजेश प्रताप सिंह ने श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ सुनील अग्रवाल से लिखित में शिकायत की है। शिकायत में पीडि़त ने बतायाकि 8 मार्च 2025 को वह सुबह 8.30 बजे अपनी 70 वर्षीय बुजुर्ग माता जी को लेकर सुपर स्पेशलिटी पहुंचा था। पार्किंग में उसने अपनी बाइक क्रमांक एमपी 17 एमडी 9162 खड़ी की। पर्ची भी कटवाई। 10 रुपए लिए गए। इसके बाद वह ओपीडी में पर्ची कटवाने के बाद न्यूरोलॉजिस्ट के इंतजार में बैठ गया। डॉक्टर के पास माता जी का नंबर आया। माता जी को दिखाने के बाद जांच कराने और रिपोर्ट दिखाने में उन्हें 12 बज गए। इसके बाद जब पीडि़त वाहन पार्किंग पर वाहन लेने गया तो उसके साथ पार्किग में तैनात कर्मचारी बब्लू ने अभद्रता की। अधिक समय बता कर 20 रुपए की डिमांड करने लगा। इसका पीडि़त ने विरोध किया तो धमकी देने लगा। अभद्र भाषा का उपयोग किया जाने लगा। माता के सामने ही गालियां भी दी गई। इसकी शिकायत उन्होंने अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ कम्प्यूटर आपरेटर से की। आपरेटर ने जब पार्किंग ठेकेदार के कर्मचारी से बात की। तब वह अतिरिक्त रुपए नहीं लिया। हालांकि इस दौरान कर्मचारी ने उन्हें बाहर देख लेने तक की धमकी दी थी। पीडि़त बृजेश प्रताप सिंह पार्किंग ठेकेदार के कर्मचारी के इस व्यवहार से काफी आहत हुए हैं। सभी कुछ नियम से करने के बाद भी उन्हें सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अवैध वसूली के कारण अपमानित होना पड़ा। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के पार्किंग कर्मचारी की अभद्रता और अवैध वसूली को लेकर पीडि़त ने डीन से शिकायत की है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में तैनात पार्किंग कर्मचारियों की अभद्रता का शिकार सिर्फ मरीज और उनके परिजन नहीं होते। यहां काम करने वाले स्टाफ और डॉक्टरों को भी कर्मचारी के अभद्र व्यवहार का शिकार होना पड़ता है।
इन कर्मचारियों का नहीं होता पुलिस वैरीफिकेशन
अस्पताल में काम करने वाले सभी कर्मचारियों का डीन ने आदेश जारी कर पुलिस वैरीफिकेशन कराया लेकिन पार्किंग में काम करने वाले कर्मचारियों की कोई जांच नहीं कराई गई। लगातार पार्किंग में काम करने वाले कर्मचारी मारपीट की वारदात को अंजाम देते हैं। पार्किंग से गाडिय़ंा तक चोरी हो जाती है। कई घटनाएं संजय गांधी अस्पताल में हो चुकी है। डॉक्टर भी निशाना बने। उनकी गाडिय़ों को भी नुकसान पहुंच चुका है। इसके बाद भी इन काम करने वाले कर्मचारियों का पुलिस वैरीफिकेशन नहीं कराया गया। इन्हें परिसर के अंदर ही पार्किंग की वसूली के लिए पनाह दी जाती है।