प्राइवेट स्कूलें खुल गईं, पुस्तक मेला बाद में लग रहा और दुकानों में मची है लूट, प्रशासन की सारी तैयारियों पर फिरा पानी

प्रशासन अभिभावकों को लुटने से बचाने मेला लगा रही है। पुस्तक और डे्रस में छूट दिलाने की तैयारी में थे।इसके पहले ही स्कूले खुल गईं। अभिभावकों की भीड़ दुकानों पर टूट पड़ी है। दुकानों में लूट मची है। किसी तरह की न छूट मिल रही और न ही रियायत दी जा रही है। अधिकांश अभिभावकों ने खरीदी कर ली है। ऐसे में प्रशासन की तैयारी पर प्राइवेट स्कूलों ने पानी फेर दिया है। चुनिंदा लोगों को ही इसका फायदा मिलेगा।

प्राइवेट स्कूलें खुल गईं, पुस्तक मेला बाद में लग रहा और दुकानों में मची है लूट, प्रशासन की सारी तैयारियों पर फिरा पानी
File photo

प्राइवेट स्कूलों का कलेक्टर का फरमान, यदि बढ़ाई गई फीस तो दो लाख लगेगा जुर्माना
शिक्षकों की बनाई गई टीम, स्कूलों और दुकानों का निरीक्षण करेगी
रीवा। प्राइवेट स्कूलों के खुलने के बाद पुस्तक मेला प्रशासन आयोजित कर रहा है। मेला में 10 फीसदी खरीदी पर छूट का दावा किया जा रहा है लेकिन इसका फायदा सभी अभिभावकों को नहीं मिलेगा। कई अभिभावकों ने स्कूल खुलने के पहले ही दुकानों में पहुंच कर पुस्तकों और ड्रेस की खरीदी पहले ही कर चुके हैं। बच्चों की पढ़ाई में कोई व्यवधान न पड़े इसके लिए प्रशासन के मेले का इंतजार तक नहीं किए। दुकानों में भारी भीड़ उमड़ रही है। अब 4 और 5 अप्रैल को मानस भवन में आयोजित पुस्तक मेला में सभी अभिभावकों को इस छूट का लाभ नहीं मिल पाएगा। फिर भी प्रशासन की पहल सराहनीय है। यदि इसे थोड़ा और पहले आयोजित किया जाता तो मेला में मिलने वाली छूट का फायदा सभी को मिलता। फिलहाल दुकानों में किसी तरह की रियायत नहीं दी जा रही है।
विद्यार्थियों को रियायती दर पर किताबें और स्कूल ड्रेस उपलब्ध कराने के लिए रीवा में मानस भवन में दो दिवसीय पुस्तक मेला लगाया जा रहा है। पुस्तक मेला 4 और 5 अप्रैल को सबुह 10 बजे से रात 10 बजे तक आयोजित होगा। कलेक्ट्रेट के बाणसागार सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मेले के तैयारियों की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि मेला स्थल पर उचित स्टाल लगाकर वेंडर्स की व्यवस्था करें। पुस्तक और ड्रेस बेचने वाले सभी दुकानदारों को मेले में शामिल करें। प्रत्येक दुकानदार का पंजीयन करके उसे स्टाल संख्या आवंटित करें। मेले में खरीददारों और वेंडर्स के लिए समुचित व्यवस्थाएं करें। पुस्तक मेले में 10 प्रतिशत छूट पर किताबें मिलेंगी। इसलिए मेले में बड़ी संख्या में लोग आएंगे। पुलिस अधिकारी वाहनों की पार्किंग तथा भीड़ प्रबंधन के लिए उचित प्रबंध करें। आयुक्त नगर निगम मेला स्थल में पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्थाएं कराएं।
स्कूलों में फीस बढ़ी तो लगेगा 2 लाख का जुर्माना
कलेक्टर ने कहा कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मेला स्थल का निरीक्षण करके सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं। मेले में किताबों और स्कूल ड्रेस के सभी विक्रेता अपना स्टाल लगाएं, इसे सुनिश्चित करें। जिला शिक्षा अधिकारी मेले के प्रत्येक काउंटर पर कर्मचारी तैनात करें। मेले में सभी कक्षाओं की पूरी किताबों की बिक्री सुनिश्चित करें जिससे अभिभावक को किताबों के लिए पुन: दुकान न जाना पड़े। मेला स्थल में हेल्पडेस्क भी स्थापित करें। इसमें प्राप्त सूचनाओं तथा उन पर की गई कार्यवाही से प्रतिदिन सीईओ जिला पंचायत को अवगत कराएं। प्रमुख निजी स्कूलों की फीस तथा प्रवेश के संबंध में तीन दिवस में निरीक्षण कराकर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। फीस बढ़ाने के संबंध में यदि कोई स्कूल संचालक शासन के निर्देशों का उल्लंघन करता पाया जाएगा तो उस पर दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी सुदामालाल गुप्ता ने पुस्तक मेले के लिए किए जा रहे प्रबंधों की जानकारी दी। बैठक में आयुक्त नगर निगम डॉ सौरभ सोनवणे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर, सीएसपी शिवाली चतुर्वेदी, नायब तहसीलदार यतीश शुक्ला तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।