जेडी हेल्थ रीवा में जूनियर ऑडीटर की नियुक्ति पर सवाल, कमिश्नर से हुई शिकायत ने कई औरों के खोल दिए राज

रीवा कमिश्नर रीवा के पास एक शिकायत की गई है। इसमें जेडी हेल्थ रीवा कार्यालय में पदस्थ जूनियर ऑडिटर की नियुक्ति पर तो सवाल खड़े ही किए गए हैं। इस विभाग में और भी की गई अनियमितताओं की लिस्ट कश्मिनर को सौंपी गई है। कई ऐसी नियुक्तियां और पदस्थापना की गई हैं जो नियम विरुद्ध हैं। यदि जांच हुई तो कईयों का गाज गिरनी तय है।

जेडी हेल्थ रीवा में जूनियर ऑडीटर की नियुक्ति पर सवाल, कमिश्नर से हुई शिकायत ने कई औरों के खोल दिए राज
File photo

जूनियर ऑडिटर की अनुकंपा नियुक्ति की जांच की मांग की गई है
पिता की मृत्यु के बाद मां सरकारी नौकरी में थी, इसके बाद भी अनुकंपा नियुक्ति में पदस्थ हो गए
रीवा। क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं रीवा संभाग रीवा में पदस्थ जूनियर ऑडिटर की नियुक्ति को लेकर कमिश्नर से शिकायत की गई है। शिकायत में जनियर ऑडिटर की नियुक्ति की जांच कराने के साथ ही एफआईआर दर्ज करने और आर्थिक स्वत्वों के भुगतान पर रोक लगाने की मांग की गई है।
क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं रीवा संभाग रीवा कार्यालय में पदस्थ जूनियर ऑडिटर सर्वेश कुमार शोत्री के खिलाफ कमिश्नर को 11 बिंदुओं का एक शिकायती पत्र सौंपा गया है। इस शिकायती पत्र में सर्वेश कुमार शोत्री जूनियर ऑडिटर की निम्न श्रेणी लिपिक के पद पर की गई नियुक्ति को ही गलत बताया गया है। शिकायत में कहा गया है कि श्री शोत्री ने निम्न श्रेणी लिपिक का पद पूर्णता फर्जी व स्वकूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त की है। इनके पिता की शासकीय सेवा के दौरान मृत्यु होने पर श्री शोत्री ने अपने घर की माली हालत व आर्थिक स्थिति के खराब होने का हवाला देते हुए अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल की ओर प्रस्तुत किया था। श्री शोत्री की माता उस समय शासकीय सेवा में जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय में रीवा लैब टेक्नीशियन के पद पर पदस्थ थी। ऐसे में इनके आवेदन को अमान्य कर दिया गय था। श्री शोत्री ने स्वत: ही संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल के नाम से कूटरचित फर्जी अनुकंपा नियुक्ति आदेश तैयार कर निम्न श्रेणी लिपिक के पद पर अध्ािकारियों से सांठगांठ कर अनुकंपा नियुक्ति प्रापत की। शिकायती पत्र में कहा गया है कि इसकी पुष्टि इस बात से होती है कि अनुकंपा नियुक्ति की जानकारी संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल को होने पर इनके अनुकंपा नियुक्ति आदेश की प्रति मंगाई भी गई थी। हालांकि मामले को दबा  दिया गया था। कमिश्नर से श्री शोत्री के नियुक्ति की जांच कराने के लिए उच्च स्तरीय जांच दल गठित कराए जाने की मांग की गई है।


शिकायत में कहा गया है कि श्री शोत्री को अनुकंपा नियुक्ति देने के बाद जूनियर ऑडिटर पद पर भी पदोन्नति दे दी गई। अब सवाल खड़ा यह होता है कि क्या श्री शोत्री को किस आधार पर जूनियर ऑडिटर की जिम्मेदारी सौंप दी गई। शिकायत मे कहा गया है कि क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं रीवा संभाग रीवा कार्यालय में सहायक ग्रेड 2 के 6 पद एवं सहायक ग्रेड 3 के 6 पद हैं। इसके बाद भी श्री शोत्री को नर्सिंग शााा, अविज्ञप्ति, पदोन्नति, अनुकंपा नियुक्ति, विज्ञप्ति आदि महत्वपूर्ण शाखाओं का प्रभार पिछले कई सालों से दिया गया है।
स्टाफ नर्स की नियुक्ति और पदस्थापना पर भी सवाल
कमिश्नर से की गई शिकायत में कहा गया है कि श्री शोत्री ने श्रीमती वर्मा की नियुक्ति स्टाफ नर्स के पद पर 9वीं वाहिनी बटालियन रीवा में कराई है। जबकि 9वीं वाहिनी बटालियन रीवा संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं रीवा संभाग रीवा के क्षेत्राधिकार एवं प्रशासनिक नियंत्रण में नहीं है। आर्थिक लाभ के चक्कर में नियम विरुद्ध पदस्थापना की गई। शासन से प्रशासनिक स्वीकृति भी नहीं ली गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में क्लिनियर का पद डाइंग कैडर पद घोषित होने के बाद भी जानबूझकर धोखाधड़ी कर शोत्री ने वर्ष 2011-12 में राजेश त्रिपाठी की पदोन्नति पंप मैकेनिक के पद पर कराकर जिला मलेरिया कार्यालय रीवा में पदस्थ कराया गया। इसमें भी प्रशासकीय स्वीकृति नहंी ली गई। इन सभी बिंदुओं की जांच कराए जाने की मांग कमिश्नर रीवा संभाग रीवा से की गई है।