रीवा विद्युत विभाग ने कर दिया ऐसा कमाल की धुल गए पुराने दाग, तोड़ दिए सारे पुराने रिकार्ड

खराब राजस्व वसूली और लाइन लॉस के नाम से बदनाम रीवा ने सारे धाग धो डाले। मार्च महीने में ऐसी ताबड़तोड़ बैटिंग करी की सारे रिकार्ड टूट गए। मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में रीवा वृत्त ने 70 करोड़ तक की वसूली की। यह रिकार्ड पिछले दो सालों के मार्च महीने के कलेक्शन से डेढ़ और दो गुना है। अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत रंग लाई है। सभी रिकार्ड राजस्व वसूली का ग्राफ देखकर गदगद हैं।

रीवा विद्युत विभाग ने कर दिया ऐसा कमाल की धुल गए पुराने दाग, तोड़ दिए सारे पुराने रिकार्ड

मार्च महीने में सालभर का हिसाब कर लिया रीवा वृत्त ने बराबर
मार्च महीने में अकेले ही वसूले 70 करोड़, ईस्ट और वेस्ट ने भी किया बेहतर काम
रीवा। राजस्व वसूली में रीवा वृत्त ने रिकार्ड तोड़ दिए हैं। मप्र पूर्व क्षेत्र वितरण कंपनी के अंतर्गत आने वाले जिलों में रीवा टॉप पर रहा। सभी जिलों को राजस्व कमाई के मामले में पीछे छोड़ दिया है। पिछले साल की तुलना में डेढ़ गुना और दो साल पहले जुटाए राजस्व से दोगुना की वसूली हुई है। अधिकारियों ने पूरा दम लगा दिया। इसी का नतीजा अब राजस्व में हुई बेतहासा वृद्धि में दिख रहा है।
ज्ञात हो कि मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत रीवा जिला हमेशा से ही खराब राजस्व वसूली और लाइस लास के लिए बदनाम रहा। यहां अधिकारी तक आने से डरते हैं। राजस्व वसूली में अधिकारी फेल हो जाते हैं लेकिन इस मर्तबा ठीक उलटा ही हुआ। अधिकारी पास हुए और राजस्व का रिकार्ड टूट गया। पिछले कई सालों में मार्च में इतना राजस्व रीवा वृत्त में नहीं आया जितना इस बार आया। पिछले दो सालों पर यदि नजर डाले तो वर्ष 2024 मार्च में 45 करोड़ और वर्ष 2023 में 35 करोड़ का राजस्व आया था। इस मर्तबा यह राजस्व 70 करोड़ के आंकड़े तक पहुंच गया है। इस रिकार्ड तोड़ कमाई को देखकर जबलपुर में बैठे अधिकारी भी हैरान हैं। उन्हें रीवा से इतने अधिक राजस्व की उम्मीद नहीं थी। ऐसा नहीं है कि सिर्फ एक डिवीजन ने ही राजस्व वसूली में बेहतर प्रदर्शन किया। रीवा वृत्त अंतर्गत आने वाले सभी 6 डिवीजन तय लक्ष्य से कहीं ज्यादा की वसूली की है। इस उपलब्धि में सिर्फ अधिकारियों का ही योगदान नहीं रहा। नीचले स्तर के कर्मचारी, एई, जेई और डीई की महती भूमिका रही। अधीक्षण अभियंता वृत्त रीवा बीके शुक्ला और सीई आईके त्रिपाठी का भी इस उपलब्धि में बड़ा योगदान रहा।
ईस्ट और वेस्ट डिवीजन ने भी दी टक्कर
अधिकांश समय में सिर्फ रीवा जिला में सिटी डिवीजन ही राजस्व वसूली में अव्वल रहता आया है लेकिन इस मर्तबा पीछे रहने वाले डिवीजनों ने भी लंबी छलांग लगाई है। मार्च महीने में सिटी डिवीजन 15 करोड़ 56 लाख के राजस्व तक पहुंचा तो वहीं ईस्ट डिवीजन ने भी 15 करोड़ 48 लाख का राजस्व जुटाया। वेस्ट डिवीजन का कलेक्शन 18 करोड़ 70 लाख रहा। इससे विभागों की मेहनत और राजस्व वसूली की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। मार्च महीना वित्तीय वर्ष खत्म होने का अंतिम मंथ रहा। सालभर की कसर अधिकारियों ने इसी महीने में पूरी की।
मार्च महीने में राजस्व की स्थिति (राशि लाख में)
डिवीजन        मार्च 25        मार्च 24        मार्च 23
रीवा सिटी    1556.82       1207.11       1158.52
मऊगंज        1058.92      723.28          519.29
त्योंथर        823.42          599.29         472.14
ईस्ट           1548.69       1091.27        704.19
वेस्ट           1870.04        960.71         673.54
योग           6857.89       4581.66        3527.68