गडऱा कांड में गिरी एसडीओपी पर गाज, आईजी ने हटाया इसके बाद हुआ तीन शवों का अंतिम संस्कार

पिता पुत्र और पुत्री का शव पीएम के बाद गांव पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। परिजन और ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ खड़े हो गए। पुलिस के सामने शर्त रख दी। ग्रामीणो ने कहा कि जब तक मामले की सीबीआई जांच नहीं होती, एसडीओपी निलंबित नहीं होती तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।ग्रामीणों के विरोध पर आईजी ने एसडीओपी अंकिता सुल्या को निलंबित कर दिया। आदेश के बाद ही परिजनों ने अंतिम संस्कार किया। गांव में एक साथ तीन चिताएं जलीं।

शव के पीएम तक का परिजनों ने कर दिया था बहिष्कार
अंतिम संस्कार के पहले पुलिस के सामने रख दी गई शर्तें
पुलिस ने जब एडीओपी को किया निलंबित तब जली चिताएं
रीवा। ज्ञात हो कि मऊगंज के गडरा गांव में पिता और दो बच्चों के शव मिलने के बाद से मातम पसरा हुआ था। परिजन और ग्रामीणों में पुलिस को लेकर काफी आक्रोश नजर आया।  शवों के पोस्टमॉर्टम के बाद शनिवार को जब पुलिस और प्रशासन के अधिकारी एम्बुलेंस से शव लेकर गांव पहुंचे तो परिजन ने एम्बुलेंस को घेर लिया और सीबीआई जांच के लिए अड़ गए। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए मौके पर मऊगंज और रीवा सहित पांच जिलों का पुलिस बल गांव में तैनात किया गया है। इधर कलेक्टर संजय जैन, एसपी दिलीप सोनी भी मौके पर मौजूद रहे और आक्रोशित परिजन को समझास देते दिखाई पड़े। मृतक के बेटे पवन का कहना है कि जब तक सीबीआई जांच की घोषणा नहीं होती, शवों का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। साथ ही एसडीओपी अंकिता सुल्या को मौके पर बुलाकर निलंबित किया जाए। कलेक्टर संजय जैन ने परिजनों को आश्वाशन देते हुए कहा कि मजिस्ट्रियल जांच का अधिकार उनके पास है, साथ ही सीबीआई जांच की मांग को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया गया है। आईजी ने एसडीओपी को निलंबित किया और मामले की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए गए। तब परिजन शव के अंतिम संस्कार को तैयार हुए और अंतिम संस्कार किया गया।
पीएम रिपोर्ट का पुलिस को इंतजार
पुलिस अधीक्षक मऊगंज दिलीप सोनी ने बताया कि परिजनों की मांग के बाद मामले की मजिस्ट्रियल जांच करवाई जा रही है, शवों का पीएम चिकित्सकों की टीम ने किया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण स्पष्ट होगे। पूरी घटना की गंभीरता से जांच पुलिस द्वारा की जा रही है, वहीं गडऱा में स्थित पूरी तरह से अब सामान्य है।
एसडीओपी को आइजी कार्यालय किया गया अटैच
मऊगंज एसडीओपी अंकिता सुल्या को आइजी कार्यालय अटैच कर दिया गया है। गौरतलब है कि 15 मार्च को गडऱा गांव में युवक और एएसआइजी की हत्या मामले में भी एसडीओपी की लापरवाही निकलकर सामने आइ थी, सिविल डे्रस में वो उक्त दिनांक को पहुंची थी तो वहीं जिस समय पुलिस पर हमला हुआ वो कमरे के अंदर दो आरक्षकों के साथ खुद को सुरक्षित कर बंद किए हुए थे, वहीं एएसआइ इस दौरान आदिवासियों द्वारा किए गए प्राणघातक हमले में शहीद हो गए थे। एसडीओपी को लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश था, जिसके बाद अब उन्हे मऊगंज से हटाकर रीवा जोन आइजी कार्यालय अटैच किया गया है।