तीन दिन तक फंदे पर लटकी रही नर्सिंग छात्रा की लाश, रजिस्टर्ड में दर्ज नहीं थे रिकार्ड, ताला टूटा तो सड़ी गली मिली लाश
श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध नर्सिंग कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही ने फिर एक जान ले ली। होली की छुट्टियों में एक छात्रा हास्टल में रह गई थी। इसकी जानकारी वार्डन नहीं नहीं दर्ज की थी। हास्टल में ताला लगातार सभी रफू चक्कर हो गए। तीन दिन बाद दुर्गंध फैली तो कमरे में ताला तोड़ा गया। नर्सिंग छात्रा की सड़ी गली लाश कमरे में फंदे से लटकती मिली। पीएम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

नर्सिंग छात्रा की मौत ने खोली हास्टल प्रबंधन के अव्यवस्थाओं की पोल
होलिका दहन के दिन हुई थी हास्टल में पार्टी, अधिकारियों का भी लगा था जमघट
रीवा। मिली जानकारी के अनुसार सिवनी जिला की रहने वाली बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष की छात्रा शासकीय नर्सिंग कॉलेज रीवा में एक महीने से अध्ययनरत थी। पीटीएस स्थित संस्कृति गल्र्स नर्सिंग हास्टल के ब्लाक ए रूम नंबर 4 में एक अन्य छात्रा के साथ रह रही थी। होली के अवकाश के दौरान प्रथम वर्ष की सभी छात्राएं अवकाश पर चली गईं थी। सिर्फ छात्रा सरोज परते पिता गोमद परते निवासी सिवनी ही हास्टल में रह गई थी। जब सभी अवकाश से लौटे तो 15 मार्च को दुर्गंध से छात्राओं को शक हुआ। इसकी जानकारी वार्डन और प्रबंधन को दी गई। दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए। छात्रा फंदे से लटकी थी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस के पहुंचने पर फंदे से छात्रा का शव नीचे उतारा गया। इसके बाद शव को पीएम के लिए भेज दिया गया। परिजनों को भी सूचना दे दी गई। रविवार को परिजन भी पहुंच गए। पीएम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। शव लेकर परिजन सिवनी रवाना हो गए ।
वार्डन की लापरवाही से गई छात्रा की जान
छात्रा की मौत की वजह हास्टल वार्डन की लापरवाही है। हास्टल में सभी बाहर की छात्राएं रहती थी। इनके आने जाने के लिए रजिस्टर्ड तक मैनेज नहीं होता था। कौन सी छात्रा कब आती थी। किसके साथ जाती थी। इसका कहीं कोई रिकार्ड नहीं रखा जाता था। यही लापरवाही छात्र के साथ भी हुई। सभी छात्राएं होली में घर चली गईं थी। सरोज परते सिर्फ हास्टल में थी। उसकी इंट्री रजिस्टर्ड में नहीं थी। ऐसे में वार्डन और स्टाफ ने बिना जानकारी के ही हास्टल में बाहर से ही ताला जड़ दिया। सभी के छुट्टी में घर जाना मान लिया। इसी लापरवाही के कारण छात्रा की जान चली गई।
पूरी तरह से सड़ कर फूल चुकी थी बॉडी
सूत्रों की मानें तो छात्रा ने होलिका दहन के दिन ही आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया होगा। तीन दिनों तक बाड़ी कमरे में ही फंसे से लटकती रही। गर्मी के कारण शहरी पूरी तरह से फूल कर सड़ गया था। फंदे से बाड़ी जमीन तक झूल गई थी। पूरा शरीर ही फर्श पर रख गया था। 15 मार्च की शाम को जब ताला तोड़ा गया तब छात्रों की मौत का पता चला।
परिजनों से हुई थी अंतिम मर्तबा बात
सभी छात्राएं होली में छुट्टियों पर जा रहीं थी लेकिन मृतक छात्रा नहीं गई। उसकी अंतिम मर्तबा होली के पहले परिजनों से बातचीत हुई थी। उसने इस मर्तबा होली रीवा में ही रहकर मनाने की बात कही थी। इसके बाद उसका फोन नहीं लगा। परिजन भी परेशान थे। कई छात्राओं ने भी संपर्क करने की कोशिश की थी लेकिन बात नहीं हुई थी। परिजनों ने जब वार्डन से जानकारी चाही तो उन्हें बताया गया कि छात्रा घर जा चुकी है। इस लापरवाही के कारण शव तक सड़ गई। मामले की जांच में पुलिस जुटी हुई है। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
35 हजार किराया करके ले गए बेटी का शव
कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही से एक होनहार छात्रा की जान चली गई। छात्रा का शव लेने पहुंचे परिजनों को प्रबंधन की थोड़ी सी भी हमदर्दी नहीं मिली। परिजनों केा शव ले जाने के लिए कॉलेज प्रबंधन की तरफ से किसी तरह का इंतजाम नहीं किया गया। किसी तरह की मदद भी नहीं की गई। सूत्रों की मानें तो 35 हजार रुपए में एम्बुलेंस बुक करके परिजन बेटी का शव सिवनी ले गए। इससे कॉलेज प्रबंधन की संवेदनाएं छात्रों के प्रति साफ नजर आती है।
होलिका दहन के दिन हुई थी पार्टी
सूत्रों की मानें तो जिस दिन हास्टल की सभी छात्राओं को घर जाना था वह होलिका दहन का दिन था। उस दिन हास्टल में जमकर पार्टी हुई थी। नर्सिंग कॉलेज के अधिकारी भी हास्टल पहुंचे थे। इसके बाद ही छात्रा ने फांसी लगाई थी। नर्सिंग ग्रुप में पार्टी की फोटो भी पोस्ट की गई थी। बाद में जब छात्रा के फांसी लगाने की बात सामने आई तो सारी फोटो तुरंत हटा भी दी गई थी।