मिनर्वा में परिजनों ने किया हंगामा, मृत महिला का पहले लाज करने का लगाया आरोप, फिर कुछ हुआ ऐसा की उड़ गए होश
प्राइवेट अस्पताल मिनर्वा में शुक्रवार को एक मरीज के परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया। उनके समर्थन में समाज के लोग भी सामने आ गए। अस्पताल पर मृत महिला के इलाज का आरोप लगाया। अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ परिजनों ने मोर्चा खोल दिया। घंटों हंगामा मचा रहा। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज के नाम पर लाखों रुपए का बिल के नाम पर लूट का आरोप लगाया। विरोध करने पर महिला मरीज को अस्पताल से बाहर कर दिया गया। इसके बाद उसका इलाज संजय गांधी अस्पताल में चल रहा है।

रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खुल गई पोल, जिसे एसजीएमएच में मृत बताया था वह जिंदा निकली
मिनर्वा से भगाए जाने पर परिजन वापस संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे, इलाज जारी है
रीवा। हंगामा करने वाले मरीज के परिजन ने बताया कि गुढ़ निवासी ममता गुप्ता गुरुवार की सुबह बैकुंठपुर से लौट रही थी। सिरमौर चौराहा पहुंचने पर उन्हें अज्ञात वाहन ने ठोकर मार दी थी। सिर पर चोट आई थी। परिजन महिला को घायल हालत में लेकर संजय गांधी अस्पताल लेकर गए। अस्पताल में महिला के सेहत में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने महिला को मृत बता दिया। इसके बाद परिजन महिला को लेकर सीधे मिनर्वा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पहुंचे। यहंा महिला को जिंदा बताया गया। इलाज शुरू कर दिया गया। परिजन ने बताया कि अस्पताल प्रबध्ंान ने एक घंटे में 90 हजार रुपए जमा करा लिए। 70 हजार रुपए की दवाइयां खरिवाईं गईं। 17 हजार रुपए एमआरआई के जमाकराए गए। इसके बाद ब्रेन में खून जमा होने की बात कह कर ढ़ाई लाख जमा करने की बात कही गई। रुपए भी परिजनों ने जमा किया। शुक्रवार की सुबह फिर अस्पताल प्रबंधन ने पेट सहित ब्रेन के आपरेशन की बात कही। करीब 20 से 25 लाख रुपए का इंतजाम करने को कहा गया।
इतना सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने महिला की समस्या और इलाज की जानकारी मांग ली। हंगामा बढ़ता देख कर अस्पताल प्रबंधन ने भी महिला का इलाज करने से इंकार कर दिया और महिला को एम्बुलेंस से अस्पताल के बाहर कर दिया। इसकी जानकारी महिला के परिजनों ने समाज के लोगों को दी। कुछ ही देर में अखिल भारतीय वैश्य केशरवानी समाज के अध्यक्ष और उनके कार्यकर्ता भी पहुंच गए। अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू हो गया। हंगामे की स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल भी पहुंच गया था। स्थिति को सम्हालने की कोशिश की गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज के नाम पर लूट खसोट का अरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की। पहले तो परिजन महिला को मृत मान रहे थे। हालांकि बाद में महिला को वापस संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया। जहां वह जिंदा निकली। महिला का इलाज संजय गांधी अस्पताल में जारी है। कुल मिलाकर रीवा में इलाज के नाम पर मजाक चल रहा है। प्राइवेट अस्पताल लूट रहे हैं और सरकारी अस्पताल लापरवाही बरत रहे हैं। यही वजह है कि संजय गांधी अस्पताल से परिजनों को महिला को प्राइवेट अस्पताल ले जाना पड़ा और यह सारा हंगामा हुआ।