परिषद में अर्थी लेकर पहुंचा विपक्ष, सत्ता पक्ष ने छिड़का गंगाजल फिर मचा कोहराम, जमकर हुई हाथापाई

बध्ुावार को नगर निगम परिषद की बैठक में हंगामा हो गया। महापुरुषों का अपमान का आरोप लगाते हुए विपक्ष बजट का पुतला और मटकी लेकर पहुंच गया। सत्ता पक्ष से माफी मांगने पर हड़ रहा। खूब हंगामा हुआ। जब हंगामा शांत हुआ तो एमआईसी सदस्य गंगाजल छिड़कने लगे। इसी पर विवाद हो गया। पक्ष विपक्ष आपस में लड़ पड़े। जमकर हाथापाई और झूमा झटकी हुई। हंगामे को देखते हुए ननि अध्यक्ष ने बजट पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक एक दिन के लिए स्थगित कर दी।

बजट के एजेंडे में महापुरुषों के नाम के सामने श्री, श्रीमान, माननीय नहीं लगाया गया, इसी बात पर भाजपा पार्षदों ने किया हंगामा
बजट का पुतला लेकर परिषद में पहुंचे थे, जमकर की नारेबाजी
बाद में एमआईसी सदस्य ने गंगा जल छिड़क कर परिषद का शुद्ध करने की कोशिश की, तभी बढ़ा विवाद
रीवा। बुधवार का दिन नगर निगम रीवा के इतिहास में काला दिन के रूप में जाना जाएगा। नगर परिषद में वह सब कुछ हो गया जो कभी किसी ने सोचा तक नहंी था। मंगलवार को नगर निगम परिषद में वार्षिक बजट पेश किया गया था। 13 करोड़ घाटे का बजट पेश किया गया।
बजट में महापुरुषों की प्रतिमाएं लगाने का जिक्र भी था लेकिन किसी भी महापुरुष के नाम के सामने सम्माजनक शब्ददों का उपयोग नहीं नहीं किया गया था। इसी बात पर भाजपा के पार्षद और नेता प्रतिपक्ष नाराज हो गए। बजट का पुतला लेकर परिषद पहुंच गए। बजट को भी घाटे का बजट और हवा हवाई बताया। भाजपा के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा पार्षद अध्यक्ष की कुर्सी के सामने ही जमीन पर बैठकर पहले प्रदर्शन किए। महापुरुषों का अपमान बताकर एमआईसी सदस्यों और महापौर से माफी मांगने पर अड़े रहे। इसी बात पर हंगामा होता रहा। बजट का पुतला और मटकी लेकर बैठे रहे। राम नाम सत्य के नारे लगे। महापुरुषों के अपमान का भी आरोप लगाया गया। हालांकि अध्यक्ष समझाइश की कोशिश करते रहे लेकिन दोनों ही जिद पर अड़े रहे। एमआईसी सदस्यों ने महापुरुषों के नाम के सामने सम्माजनक शब्दों का उपयोग न करने को टाइपिंग मिस्टेक बताकर पल्ला झाड़ लिया और मांभी मांगने से इंकार कर दिया। इसके बाद कमिश्नर ने स्थिति का सम्हाला उन्होंने जिम्मेदारी ली कि यह प्रिंटिंग मिस्टेक के कारण हुआ है। इसमें सुधार किया जाएगा। इसके बाद बजट पर चर्चा शुरू होने ही वाली थी कि एमआईसी सदस्य मनीष नामदेव गंगा जल लेकर खड़े हो गए और सभी भाजपा पार्षदों पर छिड़कने लगे। इस पर फिर विवाद हो गया। नेताप्रतिपक्ष भी उठे और पानी की बोतल से मनीष को नहला दिए। समीर शुक्ला भी मंच के अध्यक्ष की आसंदी के सामने पहुंच गए। दोनों तरफ से नोंक झोंक और हाथापाई शुरू हो गई। विवाद इतना आगे बढ़ गया कि नौबत मारपीट तक आ गई। महापौर भी बीच बचाव करने पहुंचे। अध्यक्ष कुर्सी से खड़े हो गए। उन्होंने विवाद रोकने की कोशिश की लेकिन नहीं रोक पाए। हाथ पाई चलती रही। समीर शुक्ला काफी गुस्से मे थे। मनीष नामदेव के गंगा जल छिड़कने पर वह आग बबूला हो गए थे। काफी देर तक हंगामा चला अन्य पार्षदों ने बीच बचाव किया। इसके बाद ही हाथपाई रुकी। हालांकि विवाद को देखते हुए ननि अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय ने परिषद को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया है।

पार्षद समीर शुक्ला ने कहा महापुरुषों का अपमान किया गया, महापौर माफी मांगे
परिषद में बजट पर चर्चा शुरू होते ही भाजपा पार्षद समीर शुक्ला ने कहा कि बजट में महापुरूषों की प्रतिमा लगाने के जिक्र है लेकिन जिन महापुरूषों की प्रतिमा लगाई जानी है उनके आगे श्री नहीं लगाकर उनका घोर अपमान किया गया है इसके लिए महापौर माफी मांगे। जब तक माफी नही मांगेंगे तब तक बैठक नहीं चलने देंगे। बजट की अर्थी निकालेंगे। इस पर महापौर अजय मिश्रा बाबा ने कहा कि पहले नाम के आगे श्री लगा है जहां नहीं लगा यह लिपिकीय त्रुटि है इसे सुधार लिया जाएगा। इसमे माफी की कोई बात ही नहीं है। लेकिन समीर शुक्ला ने पहले से साथ लेकर आए कफन को निकाल कर बजट कापी को लपेटा और दीनानाथ वर्मा ने मटकी उठा अध्यक्ष की आसंदी की ओर चल दिये जिसे वे परिषद में लेकर आये थे। इसके बाद सभी विपक्षी पार्षद राम नाम सत्य का उद्घोष करते अपने स्थान से अर्थी के साथ अघ्यक्ष की आसंदी तक गये और वहां पर बैठकर नारेबाजी की।
विकास के मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहता विपक्ष : महापौर
परिषद में हुए हंगामे के कारण बैठक स्थगित होने पर महापौर अजय मिश्रा बाबा ने कहा कि नगर निगम का बजट 24 मार्च को पेश किया गया है। 25 मार्च को केवल इस पर चर्चा की जानी थी। लेकिन विपक्ष विकास के मुद्दे पर चर्चा ही नहीं करना चाहता। विपक्ष सदन में हंगामा करने की तैयारी पहले से करके आया था। विपक्षी पार्षद कफन और मटकी साथ लेकर ही बैठक में आये थे। हंगामे का कारण अगर केवल श्री था तो यह मामला 24 मार्च को ही उठाना चाहिए था। यह लिपिकीय त्रुटि है जो सुधारी जा सकती है यह इतना बड़ा मामला नहीं है कि सदन चलने ही नहीं दिया जाय। महापौर ने कहा कि श्री तो केवल बहाना है असल में विपक्ष विकास के मुद्दे पर चर्चा करने से भाग रहा है।
महापुरुषों का अपमान बर्दाश्त नहींं: दीनानाथ
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीनानाथ वर्मा ने कहा कि महापुरुषों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महापौर जब तक  माफी नहीं मागेंगे तब तक बात नहीं बनेगी। महापौर एवं एमआईसी के वित्त एवं लेखा प्रभारी ने महापुरुषों का अपमान किया है। बजट को फिर से सुधार कर एमआईसी में पारित कर परिषद में पेश किया जाये।