अफसरशाही की हद है: सिर्फ कचरा फेंकने पर रीवा वन विभाग के इस अधिकारी ने करा दी एफआईआर
अधिकारी बेलगाम हो गए हैं। अधिकारियों की मनमानी के आगे अब जनता भी परेशान होने लगी है। वन विभाग के डीएफओ ने एक व्यक्ति को घर के बाहर कचरा फेंकना इतना नागवार गुजरा कि वह उससे उलझ पड़े। बाद में दबाव डालकर रेंजर के माध्यम से थाना में एफआईआर करा दी।

डीएफओ की मनमानी, पीडि़त माफी भी मांगता रहा लेकिन नहीं माने
रीवा। जनता को परेशान करने वाले अधिकारियों पर भाजपा की सरकार कार्रवाई कर रही है लेकिन रीवा के अफसरों पर मेहरबानी बरती जा रही है। रीवा वन विभाग के डीएफओ भी इसी लाइन में आ खड़े हुए हैं। रीवा डीएफओ जनता को ही निशाना बनाने लगे हैं। लोगों को प्रताडि़त करने लगे हैं। एफआईआर करा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार की शाम को डीएफओ रीवा पौधरोपण का निरीक्षण करने समान थाना क्षेत्र में होटल लैंडमार्क के पास गए हुए थे। यहीं पर एक व्यक्ति घर के बाहर कचरा फेंक दिया। इसी बात पर वह उस व्यक्ति से उलझ गए। जमकर खरी खोटी सुनाई। संबंधित व्यक्ति ने भी पलट कर जवाब दे दिया। यही बात उन्हें नागवार गुजरी। बाद में हालांकि उसने अपने कृत्य के लिए माफी भी मांगने की कोशिश की लेकिन डीएफओ जिद पर अड़ गए। अपनी पहुंच का उपयोग किए और पुलिस पर दबाव बनाया। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ समान थाना में एफआईआर दर्ज करा दी। समान पुलिस ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भादिव की धारा 186 के तहत मामला भी पंजीबद्ध कर लिया है।
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कार्यालय के कर्मचारी भी रहते हैं परेशान
सूत्रों की मानें तो डीएफओ की कार्यप्रणाली से उनके मातहत कर्मचारी भी परेशान रहते हैं। कर्मचारियों के फोन तक चेक किए जाते हैं। उन पर नजर रखी जाती है। किसी तरह की सूचना बाहर न जाने पाए इस पर दबाव बनाया जाता है। सूत्रों की मानें तो अधिकारियों पर अपनी पहुंच का रुतबा भी झाडऩे से डीएफओ बाज नहीं आते हैं।