जिला कोषालय अधिकारी की बढ़ी मुश्किलें, अनियमितता का मुद्दा विधानसभा पहुंचा, जांच बैठी

जिला कोषालय अधिकारी की मुश्किलें बढ़ गई है। इनके भ्रष्टाचार की शिकायत विधानसभा तक पहुंच गई है। ध्यानाकर्षण लगाया गया है। इस मामले में आयुक्त कोष एवं लेखा ने कलेक्टर रीवा को पत्र लिखकर शिकायतों की जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है।

जिला कोषालय अधिकारी की बढ़ी मुश्किलें, अनियमितता का मुद्दा विधानसभा पहुंचा, जांच बैठी

आयुक्त कोष एवं लेखा ने कलेक्टर को जारी किया पत्र
मामले की जांच कराकर अभिमत सहित प्रतिवेदन मांगा
रीवा। आपकों को बता दें कि रीवा कोषालय अधिकारी के रूप में पुष्पेन्द्र कुमार शुक्ला की पदस्थापना के बाद से उथल पुथल मच गई है। पुष्पेन्द्र शुक्ला के खिलाफ कई संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर से लेकर कमिश्नर, पीएस तक से शिकायत की थी। जिला कोषालय अधिकारी का मामला विधानसभा तक पहुंच गयास है। विधानसभा सदस्य दिनेश गुर्जर ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण लगाया है। जिला कोषालय अधिकारी पुष्पेन्द्र कुमार शुक्ला द्वारा किए गए भ्रष्टाचार से उत्पन्न स्थिति की जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की बात कही है। विधानसभा में मामला पहुंचने के बाद आयुक्त कोष एवं लेखा ने मामले में कलेक्टर रीवा को जांच के लिए पत्र लिखा है। आयुक्त ने कलेक्टर रीवा को जिला कोषालय अधिकारी के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच कराकर तथ्यात्मक प्रतिवेदन अभिमत सहित भेजने के निर्देश दिए हैं।
इन सभी ने की थी कोषालय अधिकारी के खिलाफ शिकायत
जिला कोषालय अधिकारी पुष्पेन्द्र शुक्ला के खिलाफ अगस्त क्रांति मंच फाउंडेशन, मनीष नामदेव पार्षद वार्ड क्रमांक 27 नगर पालिक निगम रीवा, मप्र अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा भोपाल ने लिखित शिकायत की थी। शिकायत में जिला कोषालय अधिकारी पर जबरन बिल रोकने के आरोप लगाए गए थे। इन्हीं शिकायतों की अब जांच बैठ गई है।
रिटायर्ड कर्मचारियों का बिल रोकने और गलत भुगतान की हुई थी शिकायत
पुष्पेन्द्र शुक्ला जिला कोषालय अधिकारी के खिलाफ बिल नंबर सहित शिकायत की गई थी। रिटायर्ड कर्मचारियेां के भुगतान में गड़बड़ी की शिकायत की गई थी। शिकायत में कहा गयास था कि बीईओ मऊगंज के देयक रिसीविंग नंबर 2999019971070 दिनांक 18 अक्टूबर 2024 रुपए 5 लाख 71 हजार 954 रुपए हरिवंश प्रसाद पाण्डेय सेवानिवृत्त सहायक शिक्षक जो 31 मई 2021 को सेवानिवृत्त हुए जिनका अर्जित अवकाश गणना पत्रक के अनुसार 202 दिवस की पात्रता बनती है लेकिन कोषालय अधिकारी ने 15 दिन का अधिक भुगतान कर दिया। इसी तरह एक स्वीपर कि मृत्यु के बाद उसका भुगतान 8 बार रोका गया। मृत स्वीपर की बेवा का भुगतान जिसका रिसीविंग नंबर 200020128601 दिनंाक 28 अक्टूबर 2024, 200019658137 दिनांक 18 सितंबर 2024, 200019616228 दिनांक 11 सितंबर 2024, 200019729026 दिनांक 25 सितंबर 2024, 200020007477 दिनांक 22 अक्टूबर 2024, 200019892552 दिनांक 8 अक्टूबर 2024, 200019658137 दिनांक 18 सितंबर 2024, 200019616228 दिनांक 11 सितंबर 2024, 200019729026 दिनांक 25 सितंबर 2024 को आज दिनांक तक कमीशन न मिलने के कारण भुगतान लंबित रखा गया है। इसी प्रकार श्याम नारायण शर्मा सेवानिवृत्त प्राचार्य डाइट रीवा का भी ग्रुेजुटी भुगतान नहीं किया गया है।  इसी तरह अर्जित अवकाश का गलत देयक रिसीविंग क्रमांक 200019952996 दिनांक 16 अक्टूबर 2024 रुपए 7लाख 22 हजार 593 रुपए इसके स्वीकृत आदेश में 210 दिवस अंकित है एवं भुगतान 187 दिन का किया गया है। गणना पत्रक में अंकित है। देयक दिनांक 16 अक्टूबर 2024 को कोषालय में प्रस्तुत किया गया। लिपिक रमेश वर्मा और कोषालय अधिकारी ने उसी दिनांक को देयक शीघ्र पारित कर भुगतान कर दिया। जबकि डीन मेडिकल कॉलेज का जीपीएफ देयक जो कि कर्मचारी का अपना है उसे कोषालय अधिकारी ने कमीशन नहीं मिलने पर 28 अक्टॅूबर 2024 से 5 नवंबर 2024 तक लंबित रखा। रिसीवङ्क्षग नंबर 200020132240 को 28 अक्टूबर 2024 को संबंधित कर्मचारी को प्रताडि़त किया गया। कोषालय में देयक निराकरण के लिए 3 दिन निर्धारित है। इसके बाद भी कोषालय अधिकारी ने देयकों एवं फर्मों के भुगतान कई दिनों तक रोका गया।