सीईओ की बैठक में नहीं पहुंचे दो बीआरसी, कटेगा वेतन, बीईओ को नोटिस जारी

बुधवार को जिला पंचायत सीईओ ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में बीआरसी जवा और गंगेव नहीं पहुंचे। इनके वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बीईओ को नोटिस जारी करने का आदेश जारी किया गया है। बैठक में सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता और रिजल्ट की समीक्षा की गई। रिजल्ट कमजोर होने पर अधिकारियों को फटकार लगाई गई। पांचवी, आठवीं, 10वीं, 12 वीं कक्षाओं में टेस्ट लेने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों का रेग्युलर निरीक्षण के निर्देश भी दिए हैं।

सीईओ की बैठक में नहीं पहुंचे दो बीआरसी, कटेगा वेतन, बीईओ को नोटिस जारी

शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने को लेकर सीईओ ने अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम
अब हर सप्ताह होगी समीक्षा बैठक, लापरवाहों पर गिरेगी गाज
रीवा।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीवा डॉ सौरभ संजय सोनवणे जी के द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक जिला पंचायत रीवा के सभागार में आयोजित की गयी। जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी गंगा प्रसाद उपाध्याय तथा जिला परियोजना समन्वयक देवकरण मिश्र के साथ पूरे जिले के बीईओ, बीआरसी तथा बीएसी उपस्थित रहे। बैठक का महत्वपूर्ण एजेण्डा कक्षा पांचवी, आठवीं, दसवीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए जिले की तैयारी रही। सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों तथा विकासखंड स्त्रोत समन्वयक से इन कक्षाओं के लिए विगत वर्ष के परीक्षा परिणाम की जानकारी ली गई। न्यून परीक्षा परिणाम पर कोई भी विशेष तैयारी न करने के लिए सभी को फटकार लगाई गई। किसी भी बीईओ तथा बीआरसी ने अपनी सोच के आधार पर इस सत्र के परीक्षा परिणाम को ठीक करने के लिए कोई विशिष्ट योजना नहीं बनाई थी। विकासखंड में कोई कार्य भी नहीं किया।  मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की । चेतावनी दी कि अगले एक सप्ताह के अंदर बोर्ड पैटर्न के आधार पर साप्ताहिक टेस्ट पेपर बनाया जाए। छात्रों का साप्ताहिक टेस्ट लिया जाए। उनका मूल्यांकन करते हुए छात्रों के कमजोर बिंदुओं की पहचान कर छात्रों की तैयारी कराई जाए। कक्षाएं संचालित की जाएं।
परीक्षा परिणाम बेहतर नहंी हुई तो डीईओ, बीआरसी, डीपीसी होंगे जिम्मेदार
विगत वर्ष के कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा परिणाम पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया। चेतावनी दी कि इस बार परीक्षा परिणाम यदि अच्छे नहीं हुए तो इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक तथा बीआरसी कार्यवाही के दायरे में आएंगे। इसलिए पूरी टीम को लगाकर इसकी तैयारी कराई जाय। विगत सितंबर महीने में स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक जिला पंचायत में ली जाकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए तथा शिक्षा कि गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए थे लेकिन किसी ने उन बिंदुओं पर काम नहीं किया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सभी को यह चेतावनी दी कि एक सप्ताह के अंदर अपनी नेतृत्व क्षमता के आधार पर अपने कार्यक्षेत्र में पूरी टीम को लगाकर पढ़ाई का स्तर सुधारें।
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
सीईओ ने प्रति सप्ताह गुरुवार को 3 बजे से 5 बजे तक जिला पंचायत के सभागार में स्कूल शिक्षा विभाग की बैठकों के लिए निश्चित कर दिया है। जिसमें सभी बीआरसी तथा बीईओ, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के रमसा प्रभारी तथा योजना अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। बैठक में अनुपस्थित रहने वाले विकासखंड गंगेव तथा विकासखंड जवा के बीआरसी के वेतन काटे जाने के निर्देश दिए। साथ ही अनुपस्थित विकास खंड शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर समक्ष में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए। यदि कोई बीईओ तथा बीआरसी, बीएसी, तथा सीएसी कार्य नहीं कर रहे हैं तो उनको पद से पृथक करने के निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षण के बाद भी शिक्षक नहीं बदल रहे पढ़ाई का पैटर्न
 विगत तीन वर्षों से कक्षा पहली, दूसरी एवं तीसरी के शिक्षकों का मूलभूत दक्षताओं पर एफएलएन प्रशिक्षण दिया जाकर पाठ योजना के आधार पर शिक्षकों को कक्षाएं संचालित किए जाने के निर्देश राज्य स्तर से दिए गए हैं। इसके बाद भी अभी तक लगभग पांच प्रतिशत स्कूलों में शिक्षक मार्गदर्शिका तथा प्रशिक्षण के आधार पर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। यह घोर लापरवाही का द्योतक है। सभी बीईओ एवं बीआरसी को निर्देश दिए गए की ऐसी शालाएं जिनके प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक प्रशिक्षण के अनुसार कक्षाएं संचालित नहीं कर रहे हैं। एक सप्ताह के अंदर सभी स्कूलों की मॉनीटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कहा गया है कि ऐसे शिक्षकों का वेतन काटने की कार्रवाई की जाए। बैठक में उन्होंने कहा कि यदि स्कूलों में पढ़ाई नहीं हो रही है तो यह स्पष्ट है की वहां कोई भी कार्य नहीं हो रहा है। इसलिए सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी तथा बीआरसी अपनी टीम के साथ स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था को दुरुस्त करें। साथ ही इस वर्ष की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में सभी प्राचार्य, जनशिक्षक, प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक लग जाएं।
बीईओ और डीईओ को दी चेतावनी
उन्होंने निर्देश दिया कि कक्षा आठवीं तक का कोई बच्चा यदि हिंदी एवं गणित की मूलभूत दक्षताओं से वंचित है तो इसका स्पष्ट कारण है कि शिक्षक वहां पर विद्यार्थियों के हित के लिए कार्य नहीं कर रहे हैं। ऐसे शिक्षकों के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने पर बीईओ और डीईओ को भी चेतावनी दी गई है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अन्य विभागों के जिला अधिकारियों की टीम बनाकर विद्यालयों की मॉनिटरिंग से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर विद्यालयों में पढ़ाई की स्थिति पर रिपोर्ट प्राप्त करने संबंधी निर्देश दिए हैं।  अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों तथा शिक्षकों को पुरस्कृत करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक को कहा गया है। ऐसे शिक्षकों की सूची प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। जिससे अच्छा कार्य करने वाले शिक्षकों का मनोबल बढ़े।